मनोज्ञान!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोज्ञान- Manogyana. Wisdom , mental knowledge , intelligence , Telephatic knowledge. मन के निमित से उत्पन्न होने वाला ज्ञान ” मनःपर्यय ज्ञान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोज्ञान- Manogyana. Wisdom , mental knowledge , intelligence , Telephatic knowledge. मन के निमित से उत्पन्न होने वाला ज्ञान ” मनःपर्यय ज्ञान “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्रश्रद्धा–Mishrashraddha. To have right & wrong reverence or devotion. एक ही समय में तत्त्व और अतत्त्व दोनों पदार्थो की श्रद्धा होना” अर्थात् सम्यक मिथियात्व रूप मिला हुआ श्रद्धान”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूषणांग जाति कल्प वृक्ष:A type of wish fulfilling tree (related to providing ornaments). 10 प्रकार के कल्प वृक्षों में एक वृक्ष का नाम; जोआभूषण प्रदान करतेहैं।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == समानता : == म्रियतां वा जीवतु वा जीव:, अयताचारस्य निश्चित हिंसा। प्रयतस्य नास्ति बन्धो, हिंसामात्रेण समितिषु।। —समणसुत्त : ३८८ जीव मरे या जीये, अयतनाचारी को हिंसा का दोष अवश्य लगता है। किन्तु जो समितियों में प्रयत्नशील है, उससे बाह्य हिंसा हो जाने पर भी उसे कर्मबंध नहीं होता।…
उज्जवलित Made bright, Radiant, The 7th layer (Patal) of the 3rd hell. प्रकाशवान दीप्तिमान् तीसरे नरक का सातवाँ पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऐशानी A type of great knowledge or study. एक महाविद्या यह विधा रावन को प्राप्त थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उञ्छवृत्ति Livlihood by collecting the remaining food-grains from the field after harvesting. फसल कटने के बाद खेत से धान्य को बीनकर लाना एंव पकाकर खाना उञ्छवृत्ति कहलाती है। जीवंधर स्वामी की माँ रानी विजया ने 16 वर्ष तक तापसियों के आश्रम में रखकर उ॰छवृत्ति से जीवन यापन किया था ऐसी कथा का जीवंधर चंपू में…
उज्जह दोष A fault of Samadhimarana (holy death). समाधिमरण कराने वाला निर्यापक साधु यदि अकेला हो और वह आहारादि को जावे जो समादिमरण करने वाले क्षपक साधु का मन विचलित हो जावे तो धर्म का अपयश हो ऐसा दोष उज्जह दोष है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]