राजवृत्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजवृत्ति – राजा का कार्य, पक्षपात हो कुल की मर्यादा, बुद्धि और अपनी रक्षा करते हुए न्याय पूर्वक प्रजा का पालन करना राजाओं की राजवृत्ति कहलाती है। Rajavrtti-Ruling duties of a king
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजवृत्ति – राजा का कार्य, पक्षपात हो कुल की मर्यादा, बुद्धि और अपनी रक्षा करते हुए न्याय पूर्वक प्रजा का पालन करना राजाओं की राजवृत्ति कहलाती है। Rajavrtti-Ruling duties of a king
खेट Area surrounded by mountains and rivers. पर्वत और नदी से घिरा हुआ ग्राम, नगर । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ममकार – Mamakara. My-ness , A feeling of mine with worldly objects. आत्मा से भिन्न पर पदार्थों में मेरेपन का भाव ममकार हैं “
खर कर्म Injurious trades, to use animals in transportation etc. प्राणियों को पीड़ा उत्पन्न करने वाला व्यापार .जैसे बोझा ढोना, तेल निकालना आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागदत्त – Bhagadatta. Name of the 53rd chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थकर वृषभदेव के ८४ गणधरों में वें गणधर “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यक् दर्शन : == सम्मद्दंसणलंभो वरं खु तेलोक्कलंभादो। —भगवती आराधना : ७४२ सम्यक् दर्शन की प्राप्ति तीन लोक के ऐश्वर्य से भी श्रेष्ठ है। यथार्थतत्त्व श्रद्धा सम्यक्त्वम्। —जैन सिद्धान्त दीपिका : ५-३ जीवादि तत्त्वों की यथार्थश्रद्धा (सम्यक्—विचार) करना सम्यक् दर्शन है। दर्शनभ्रष्टा: भ्रष्टा:, दर्शनभ्रष्टस्य नास्ति निर्वाणम्। सिध्यन्ति चरितभ्रष्टा:,…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैजयंती –Vaijayaninti Name of the main city of Suprabh region of western Videh (region).Name of a Vapi (like large lake in the western Nandishvardvip (island). Name of female divinities of Ruchakmountain, Name of the palanquin of Lord Arahanath. पश्चिम विदेह के सुप्रभ क्षेत्र की प्रधान नगरी, नन्दीश्वर द्वीप की पश्चिम दिशा में…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाब्धिसम्पन्न ऋषि – सम्यग्दर्षन प्राप्ति का एक निमित लब्धिसम्पन्न ऋशियो का दर्षन। Labdhisampanna Rsi-Super saints, visiting of whom is a cause of right faith