श्री अभिनंदन जिन स्तोत्र
श्री अभिनंदन जिन स्तोत्र (छंद सहित) कुमारललिता छन्द:-(७ अक्षरी)निजात्मसुखसारो, विशोकभयमान:।विरागपरमात्मा, नमोऽस्तु मम तुभ्यं।।१।। मधुमती छन्द:-(७ अक्षरी)सकलबोधरवि:, सकलसौख्यखनि:।सकललोकमणि:, जयतु तीर्थकर:।।२।। हंसमाला छन्द:-(७ अक्षरी)स पिता देहभाजां, स गुरुर्भक्तिभाजां।स जिन: पातु दु:खात्, तनुतान् मे स्वलक्ष्मीं।।३।। चूड़ामणि छन्द:-(७ अक्षरी)चूड़ामणिर्भुवने, चिंतामणि: सुखद:।कल्पद्रुमस्त्वमपि, स्थेयात् सदा हृदि मे।।४।। प्रमाणिका छन्द:-(८ अक्षरी)जगत्त्रयं पवित्रितं, जगत्त्रयैकवित् गुरु:।मयाभिनंदन: प्रभु:, प्रणम्यते मुदा सदा।।५।। अनुष्टुप् छन्द:- स्वयंवर: पितासीत्ते,...