धर्म(पुरूषार्थ)!
धर्म(पुरूषार्थ) One of the four essential duties of a householder i.e. to follow religion. 4 पुरूषार्थों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) में प्रथम पुरूषार्थ; धर्म रूप चेष्टा जो सभी सुखों की दाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्म(पुरूषार्थ) One of the four essential duties of a householder i.e. to follow religion. 4 पुरूषार्थों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) में प्रथम पुरूषार्थ; धर्म रूप चेष्टा जो सभी सुखों की दाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धनयकुमारचरित्र See – Dhanakumåracaritra. देखें – धनकुमारचरित्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर सांपराय – स्थूल कषायो को बादर साम्पराय कहते है ” अनावृतिकरण गुणस्थान का अपरनाम ” Badara Sampraya- Gross passions
धनद Lord of wealth (Dhankuber), Name of a guardian deity (Lokpal). धन कुबेर, तीर्थंकर भगवान के पंचकल्याणकों में रत्नवृष्टि करने वाले एंव समवसरण की रचना करने वाले देव, चार दिशाओं में से उत्तर दिशा के लोकपाल का नाम ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव इंद्रिय – Bhava Imdriya. Psychical sense. लब्धि और उपयोग रूप भावेन्द्रीय हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रहारसंक्रामिणी विधा- एक मन्त्र विधा। धरणेन्द्र द्वारा नमि और विनमि को प्रदतत लोकहितकारिणी एक विधा। Praharasamkramini Vidya- A type of magical power of mystic word
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात गुणवृद्धि – Sankhyaata Gunavriddhi. Multiplicative increase in numbers. किसी संख्या का संख्यात गुणा किसी में बढ़ाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसारिताबाहु तप – कायक्लेष तप; दोनो बाहों को ऊपर करके खड़े होना। Prasaritabahu Tapa- A type of physical mortification, an external austerity
द्वीद्रिय जीव That which has two senses. जिन जीवों के स्पर्शन – रसना दो इन्द्रियां होती है, शंख कृमि आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]