उपालंभ!
उपालंभ Censure, Expression of disapproval . प्रतिषेध दुर्वचन उलाहना स्थगित करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपालंभ Censure, Expression of disapproval . प्रतिषेध दुर्वचन उलाहना स्थगित करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवन (देव विमान) – Bhavana (Dev Vimana). Palace – a signifying figure seen by mother of Jaina Lord among 16 dreams. तीर्थकरों के गर्भ में आने पर माता द्वारा देखे गये १६ स्वप्नों में १४ वें स्वप्न का चिन्ह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय आचार – Nishchaya Aachaara. See – Nishchayacara. देखें – निश्चयाचार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Beneficence to other, well- being of others. दूसरो का हित करना व चाहना।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथालब्ध–Yathalabdh. Whatever available (an adjective word). जो भी उपलब्ध हो (यह एक विशेषण रूप शब्द है जो व्यापार, ज्ञान आदि में जितना उपलब्ध हो उसमें संतोष करना रूप से घटित होता है” यह साधुओ के आहार संबंधी विषय में भी घटित होता है”)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पदमध्वज: Auspicious flags in the samavasharan-assembly of Lord, Name of predestined Kulkar (ethical founder). स्मवशरण से संबंधित कमलांकित ध्वजाएं, भविष्य कालीन 14 वें कुलकर ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छन–Murchchhan. A type of birth by spontaneous generation. तीन लोको के ऊपर, नीचे और तिरछे देह का चारो ओर सेग्रहण होना अर्थात चारो ओर से पुद्गलो का ग्रहण करके अवयवो की रचना होना, इसी को संमूर्च्छन जन्म कहते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोभाकुलता –Lobhaakulta A fault of meditative relaxation (greedful uneasiness in meditation). कायोत्सर्ग का एक दोष ;लोभ वश चित्त में विक्षेप होना “
उपसर्ग Calamity, State of affliction, Prefix. पर के निमित्त से आने वाली विपत्ति या संकट, उपसर्ग 4 प्रकार के हैं- मनुष्य, देव, तिर्यच, और प्रकृति कृत। शब्द विशेष की रचनाओं में शब्द के आगे लगाने वाले अक्षर विशेष को भी हिन्दी व्याकरण में उपसर्ग कहा जाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]