देवसत्य!
देवसत्य The 39th chief disciple of Lord Rishabhdeva. भगवान ऋषभदेव के 39 वे गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवसत्य The 39th chief disciple of Lord Rishabhdeva. भगवान ऋषभदेव के 39 वे गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यग्दृष्टि : == भूयत्थमस्सिदो खलु, सम्माइट्ठी हवइ जीवो। —समयसार : ११ जो भूतार्थ अर्थात् सत्यार्थ शुद्ध दृष्टि का अवलम्बन करता है, वही सम्यग्दृष्टि है। जं कुणदि सम्मदिट्ठी, तं सव्वं णिज्जरणिमित्तं। —समयसार : १९३ सम्यग्दृष्टि आत्मा जो कुछ भी करता है, वह उसके कर्मों की निर्जरा के लिए ही…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्णकूला कुंड – Svarnakuulaa Kumda. Name of a pond situated in Hairayavat region. हैरण्यवत क्षेत्रस्थ एक कुंड।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमावलि – Bhimavali. Name of the first Rudra. प्रथम रूद्र, यह भगवान वृषभदेव के तीर्थ में हुआ था “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वर निमित ज्ञान – Svara Nimitta Jnnaana. Inferential knowledge caused due to have voice of beings. मनुष्य व तिर्यचो के विचित्र शब्दो को सुनकर शुभाषुभ को जान लेना स्वर निमित्त ज्ञान कहलाता है। देखे-स्वर।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेचानदी – मध्यप्रदेष की एक प्रसिद्ध नदी, इसके किनारे सिद्धवर कूट सिद्ध क्षेत्र है। Reva nadi-name of a holy river of madya Pradesha near Siddhvarkut , a place of pilgrimage
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैताढय –Vaitadhya Another name of Vijayardhmountain, Range of some particular mountains in the middle of HaimvatKshetra (region) etc. विजयार्ध पर्वत का अपरनाम, हेमवत आदि अन्य क्षेत्रो के मध्य शब्दवान आदि कुटाकार पर्वत भी वैताढय कहलाते है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वयंशोधक – Svayammsodhaka. One who repents himself for his faults, not before the preceptor (it is an infraction). प्रायष्चित देने से पूर्व ही स्वंय प्रायष्चित लेने वाला स्वंय शोधक कहलाता है (यह एक अतिचार है)।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षसी विद्या – मेघवाहन विद्याघर को राक्षसो के इन्द्र भीम व सुभीम से प्राप्त एक विद्या। Raksasi Vidya-A super power possessed by Raksasa (Demon)