द्रव्याश्रय!
द्रव्याश्रय Attributes related to matters. गुण जो द्रव्य के आश्रय से रहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्याश्रय Attributes related to matters. गुण जो द्रव्य के आश्रय से रहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावक – Shraavaka. A householder who follows religious instructions with reverence, Lay followers in the Jaina order. विवेकवान विरुत्तचित अणुव्रती गृहस्थ ” इसके पाक्षिक, नैष्ठिक व साधक तीन भेद है “
दंडासन तप A type of posture of meditation (sitting erectly). कायक्लेश , दण्ड के समान सीधा बैठना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य श्रमण Out wordly saints, See – Dravya Li´ga. देखें – द्रव्य लिंग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रद्धावान – Shraddhaavaan. One possessing right faith or reverential belief. जो जिनवचनों में श्रद्धान करता है अर्थात सम्यग्दृष्टि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मोत्तर (देव) – Brahmottara (Deva). A type of deities resident of the 6th heaven. कल्पवासी देवों का एक भेद ” छठे स्वर्ग के निवासी देव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शौचधर्म – Shauchdharma. Observance of purity or greedlessness (victory over greed). 10 धर्मों में चौथा धर्म ” लोभ पर विजय पाना ही शौचधर्म है, इससे सातावेदनीय कर्म का आस्रव होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशस्त ध्यान- प्रषंसनीय ध्यान। धर्मध्यान, शुक्लध्यान जो मोक्ष के कारण है। Prasasta Dhyana- Commendable meditation
द्रव्य मोक्ष Installation of supreme soul of Siddhashila. मोह का एक भेद जीव के द्रव्यादि सम्बन्धि मूढ़भाव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == शिष्य : == पितरमिव गुरुमुपचरेत्। —नीतिवाक्यामृत : ११-३४ शिष्य गुरु के साथ पिता के समान व्यवहार करे। प्रज्ञयातिशयानो न गुरुमवज्ञायेत। —नीतिवाक्यामृत : ११-२० अधिक प्रज्ञावान होने पर भी शिष्य गुरु की अवज्ञा न करे। संदिहानो गुरुमकोपयन्ननापृच्छेत्। —नीतिवाक्यामृत : ११-१५ संदेह होने पर शिष्य इस प्रकार से पूछे कि…