समुत्पत्तिक कषाय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्पत्तिक कषाय – Samutpattika Kashaaya. Something passion generating. जो जीव से भिन्न होकर कषाय को उत्पन्न करता है वह समुत्पत्ति कषाय है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्पत्तिक कषाय – Samutpattika Kashaaya. Something passion generating. जो जीव से भिन्न होकर कषाय को उत्पन्न करता है वह समुत्पत्ति कषाय है।
चित्रक A painter, an artist, Name of the summit situated in the forest of Sumeru, Name of an Ayurvedic medicine. चित्रकार , सुमेरू के वनों में स्थित कूट का नाम , एक आयुर्वेदिक औषधि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्य मुद्रा – जिनेन्द्र देव की मुद्रा ध्यानादि के योग्य आसन, पर्यकासन जिनमुद्रा, मुक्ताषुक्ति सुखासन आदि मुद्रा। Yogya Mudra-Appropriate posture for meditation like lord Jinendra deva
चारूदत्त A king of Yadu dynasty, Name of the chief disciple of Lord Sambhavanath. यदु वंश का एक राजा , संभवनाथ भगवान के मुख्या गणधर जा नाम जिन्हें ‘चारुषेण’ (चारुसेन) भी कहा जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योशा – स्त्री का एक पर्यायवाची नाम इसे युवती कहते हैैै। Yosa-Young women
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्यवाद – Shunyavaada. A Bauddha philosophy believing zero as the supreme element. बौद्धदर्शन, जो सभी तत्व शून्य के गर्भ में विलीन हो जाते हैं एवं शून्य ही एक मात्र परम तत्व है, ऐसा मानता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नगर्भा – भगवान के गर्भ में आने के 6 महीने से पहले से 15 महीने तक जहा रत्नवृृश्टि होती है उस भूमि को रत्न गर्भा कहते है। Ratnagarbha-The land where divinely rain of gems occurred (related to the birth place of lord)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शून्य – Shunya. Blank, Empty, Void, Zero, Cipher. रिक्त, खाली, सर्व द्रव्यों का अभाव शून्य दोष कहलाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समानाधिकरण – Samaanaadhikarana. Synatactic relation, co-ordinate status (of words etc). भिन्न प्रवृत्ति मे जो निमित है ऐसे विभिन्न शब्दों की एक ही अर्थ मे वृत्ति होना समान्याधिकरण है।