श्रुतमुनि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतमुनि – Shrutamuni. The disciple of saint Abhayachandra Suri. त्रिभंगीसार टीका एवं परमागमसार ग्रंथ के रचयिता, जो अभयचंद्र सूरि के शिष्य थे ” समय ई. श. 13-अंतिम पाद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतमुनि – Shrutamuni. The disciple of saint Abhayachandra Suri. त्रिभंगीसार टीका एवं परमागमसार ग्रंथ के रचयिता, जो अभयचंद्र सूरि के शिष्य थे ” समय ई. श. 13-अंतिम पाद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपानुपात – देषव्रत का एक अतिचार।मर्यादा के बाहर काम करने वालो को निजरूपर दिखाकर अपना प्रयोजन बता देना। Rupanupata-making sign for persons beyond the limit, as the morse code with flags etc. (an infraction of Deshvrat)
द्रुमसेन Name of a great Acharya possessing knowledge of 11Angas. 11 अंगों के ज्ञाता पाँच आचार्यों में चैथें आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इंद्रिय सुख Sensual pleasure. इन्द्रिय के द्वारा उनके विषयों को भोगना इन्द्रिय सुख है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्पुरुष – Satpurusha. Noble persons, A type of peripatetic deities. महापुरुष, किम्पुरुष जाति के व्यंतर देवों के 10 भेदों में एक भेद “
द्रव्यस्तव Physical praising, act of eulogy. स्तुति ; शुभ लक्षणों से युक्त 24 तीर्थंकरों के शरीर की छवि का कीर्तन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उन्मान Weighing instruments, Balance metric. तगर आदि द्रव्यों को ऊपर उठाकर जिनसे तौला जाता है वे तराजू आदि उन्मान हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यत्वाभिव्यक्ति – Bhavyatvabhivyakti. Exposition of the worthiness (for salvation) of one. जीव का वह स्वभाव जिससे सम्यक्त्व की अभिव्यक्ति होती है “
उद्देश्यतावच्छेदक One who divides the conceptions. एक धर्मी को अन्य धर्मी से व्यावृत्त करने वाला ‘ता’ प्रत्यय युक्त धर्म विशेष।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्यविचिकित्सा Physical disgust (pertaining to excreta etc.) विष्ठा आदि पदार्थों में ग्लानि का होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]