मोड़ेवाली गति!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोड़ेवाली गति– Modevali Gati. Transmigratory motion of soul. विग्रहगति; पाणिसुक्ता, लांगलिका, गोमूत्रिका ये तीनों मोड़े वाली गति है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोड़ेवाली गति– Modevali Gati. Transmigratory motion of soul. विग्रहगति; पाणिसुक्ता, लांगलिका, गोमूत्रिका ये तीनों मोड़े वाली गति है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यक्ष- pratyaksa Direction knowledge, perceptible, visible विषद ज्ञान को प्रत्यक्ष कहते है। वह सांव्यवहारिक और पारमार्थिक दो प्रकार का होता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतारणयक वन – Bhutaranyaka Vana. Name of a forest situated in western videh (re-gion). विदेह के पशिचम और लवण समुद्र के निकट एक वन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिसूर्य- pratisurya Magternal uncle of hanuman हनुमान का मामा था, जो हनुमान और हनुमान की माता अंजना को जंगल से अपने घर लाया था।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन शुद्धि –Vyaninjana Suddhi. Right & exact pronunciation of religious hymns, mystic syllables (mantras) etc. सूत्रों को दोष रहित पढ़ना व्यंजन शूध्दि है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वसंवेदन – Svasammvedana. Self experience or intuition. आत्मानुभव, आत्मज्ञान।
उपशमक अनिवृत्तिकरण Subsider rising up at the 9th stage of spiritual development. 9 वें गुणस्थान को प्राप्त उपशम कर्ता जीव।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सम्यग्दृष्टि : == भूयत्थमस्सिदो खलु, सम्माइट्ठी हवइ जीवो। —समयसार : ११ जो भूतार्थ अर्थात् सत्यार्थ शुद्ध दृष्टि का अवलम्बन करता है, वही सम्यग्दृष्टि है। जं कुणदि सम्मदिट्ठी, तं सव्वं णिज्जरणिमित्तं। —समयसार : १९३ सम्यग्दृष्टि आत्मा जो कुछ भी करता है, वह उसके कर्मों की निर्जरा के लिए ही…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्णकूला कुंड – Svarnakuulaa Kumda. Name of a pond situated in Hairayavat region. हैरण्यवत क्षेत्रस्थ एक कुंड।
उपशम भाव Feelings produced by the subsidence of Karmas, Repentance feeling.कर्मों के उपशम से उत्पन्न भाव अपनी भूल स्वीकार करके क्षमा मांग लेने पर उत्पन्न होने वाला भाव।[[श्रेणी:शब्दकोष]]