मूक!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूक–Muka. To be dumb, mute, silent. गूंगा, मौन, वाकशून्यता”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्य – Brahma. A ruling demigod of Lord Pushpdant, The all pervading spirit of the universe, The supreme soul. तिलोयपण्णति के अनुसार पुष्पदंत भगवान का शासक यक्ष , कहीं इनका नाम अजितदेव भी आता है ” शब्द; समस्त वस्तुओं को प्रकाश करने वाला और स्यात् पद से चिहिृत शब्द ब्रह्म है ,…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्तिक – Svastika. Name of Diggajendra mountain in Bhadrashal forest situated in Videh Kshetra (region). Name of summits situated at Vidyutprabh Gajdant & Ruchak mountains, name of a governing deity of maniprabh summit of Kundal mountain. विदेह क्षेत्र मे स्थित भद्रषाल मे एक दिग्गजेन्द्र पर्वत, विद्युत्प्रभ गजदत्तस्थ व रुचक पर्वतस्थ एक-एक कूट, कुण्डल पर्वतस्थ…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग सम्यग्दर्शन –VitaragaSamyagdarsana. Right faith without any attachment. निश्चय सम्यग्दर्शन, वीतराग चारित्र के साथ अविनाभावी, जिस सम्यकत्व भाव में आत्मा की विशुध्दी, तन्मयता हो ” यह सातवें से दसवें गुणस्थान तक होता है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धर्म : == धम्मो वत्थुसहावो। —कर्तिकेयानुप्रेक्षा : ४७८ वस्तु का अपना स्वभाव ही उसका धर्म है। धर्मो बंधुश्च मित्रञ्च धर्मोऽयं गुरुरंगिनाम्। तस्माद् धर्मे मिंत धत्स्व स्वर्गमोक्षसुखदायिनि।। —आदिपुराण : १०-१०९ धर्म ही मनुष्य का सच्चा बंधु है, मित्र है और गुरु है। इसलिए स्वर्ग एवं मोक्ष के सुख देने…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वर्णमयी – Svarnamayii. The 7th circumference of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत की सातवीं परिधि जो सुवर्णमयी है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाटक समयसार – Nataka Samayasara A book written by pandit banarsidas. पं. बनारसीदास द्वारा समयसार पर रचित एक ग्रंथ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा वर्गणा – Bhasha Vargana. See – Bhasha Dravya Vargana. देखें – भाषा द्रव्य वर्गणा “
लक्ष्मी [[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्ष्मी – षिखरी पर्वत पुण्डरिक हद की स्वामिनि दिक्कुमारी देवी, ये गर्भावस्था मे जिनमातर की सेवा करती है। Laksmi-name of a female divinity of large pond situated at Shikhari Mountain