रामपुराण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामपुराण – एक कन्नड कवि पùनाथ द्वारा रचित गं्रथ। समय ई 1580। Ramapurana-Name of a treatise
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामपुराण – एक कन्नड कवि पùनाथ द्वारा रचित गं्रथ। समय ई 1580। Ramapurana-Name of a treatise
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरासन –Virasana. A posture of meditation. ध्यान या कायोत्सर्ग के योग्य एक आसन ” दक्षिण पैर रखना ” अपरनामपश्चाशन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति सत्त्व – Sthiti Sattva. Existing states of karmic binding with soul.जीव से सम्बद्व हुए या संचित कर्म स्कंध दूसरे समय से लेकर फल देने से पहले समय तक सत्त् संबा को प्राप्त होते है। अथवा सत्ता मे स्थित अनेक समयो मे बंधी प्रकृतियो की स्थिति के सत्तव को स्थिति सत्तव कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैजयंता –Vaijayanitd Name of a main city of Suvapra region of VidehKshetra (region). विदेह क्षेत्रस्थ सुवप्रा क्षेत्र की प्रधान नगरी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थावर दषक – Sthaavara Dasaka. Particular ten type of karmic natures related to immobile beings.स्थावर, सूक्ष्म, अपर्याप्त, साधारण, अस्थिर, अशुभ, दुर्भग, दुःस्वर, अनादेय, अयशःकीर्ति ये नामकर्म की 10 प्रकृतियाॅ स्थावर दषक कहलाती है।
त्रिलोकमंडन Name of an elephant. एक हाथी, रावण ने इसको मदमस्त अवस्था में पकडकर त्रिलोकमंडन नाम रखा था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चलशव A title for the saints having wrong conceptions or belief. मिथ्यादृष्टि साधु की उपाधि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यग्दर्शनार्य – Samyagdarshanaarya. A type of aryas (noble persons). ऋद्वि रहित आर्य के 5 भेदो मे एक भेद। आज्ञा, मार्ग, उपदेष, सूत्र, बीज, सूत्र, संक्षेप, विस्तार, अर्थ, अवगाढ़, परमावगाढ़ रुचि के भेद से दर्शनार्य के 10 भेद है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोबाहु – आदिनाथ भगवान के 84 गणधरो में एक गणधर का नाम, आचार्य यषोभद्र के षिश्य, इनका अपरनाम आचार्य भद्रबाहु द्वितीय था। यं 8 अंगधारी थे तथा लोहाचार्य – 2 के गुरू थे। समय – वी नि 515 – 565 Yasobahu-Name of a chief disciple of lord Adinath, Also the name of the disciple…