सुवसु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवसु – Suvashu Name of a king of kuru dynasty. कुरूवंशी एक राजा । यह राजा वसु का 9 वाँ पुत्र था ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुवसु – Suvashu Name of a king of kuru dynasty. कुरूवंशी एक राजा । यह राजा वसु का 9 वाँ पुत्र था ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतग्राही नय – Bhutagrahi Naya. Standpoint showing knowledge of past. नय; जिसके अनुसार जन्म से १५ कर्मभूमियों में और संहरण की अपेक्षा सर्व मनुष्य क्षेत्र से सिध्दी होती है ” अर्थात् भूतकाल को ग्रहण करके कथन करने वाला नय “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निराहारता – Niraahaarata. To be foodlessness-an excellence of Lord Arihant (free From hunger). भोजन का abhaअभाव; अर्हत् भगवान के केवलज्ञान का एक अतिशय “
एकान्त वृद्धावृद्धि One sided increase in purity. देश संयत पंचम गुणस्थान के प्रथम समय से लगाकर अंतर्मुहूर्त पर्संत अनंतगुणी विशुद्धता का बढ़ना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्तम स्थान Salvation, The supreme place. सर्वोत्तम श्रेष्ठ स्थान मोक्ष।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरेश्वर – Sureshvara. The disciple of Shankaracarya, the writer of ‘Naishkarmya Sidhi’and other treatises. शंकराचार्य के शिष्य (समय-ई0 820), इन्होने नैष्कर्म्य सिद्धि, वृहदारण्यक उपनिषद भाष्य ग्रंथ लिखे है।
[[श्रेणी :शब्दकोष ]] मिश्र उपचारित असद्भूत व्यवहार नय–Mishra Upcharit Asdbhuut Vyavahar Nay. A type of standpoint related to considering ownness in different object as town, state, country etc. राज्य, दुर्ग, नगर आदि जो बिलकुल भिन्न मिश्र जीव पदार्थ है उनको जिस नय से अपना माना जाय”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकवाद – Lokavaada.: Name of a doctrine believing worldly traditions as religion. एक एकांत मत ;एकवाद “लोक में जो प्रवृति हो उसे ही एकांत से धर्म मानने वाले “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पाक्षिक प्रतिक्रमण – Paakshika Pratikramana. A type of repentance for the faults of 15 days. प्रतिक्रमण का एक भेद; पाक्षिक अर्थात् 15 दिन में लगे हुए दोषों को दूर करना ” जैन साधू प्रत्येक चतुर्दशीको पाक्षिक प्रतिक्रमण करते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमित्रा – Sumitraa. Name of female divinity of Kanchan summit of saumnas Gajdant mountain, Mothers’s Name of Lakshaman. सौमनस गजदंत के कांचन कूट की देवी, लक्ष्मण की माता ।