वासुदेव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वासुदेव – Vaasudeva.: Another name of Shri Krishna. श्री कृष्ण का अपरनाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वासुदेव – Vaasudeva.: Another name of Shri Krishna. श्री कृष्ण का अपरनाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदकवि – Namdakavi A pandit who wrote ‘Sudarshan Charitra’. पंडित; सुदर्शन चरित्र के कर्ता ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वारना – Vaaranaa.: Wavering of lamp in repeated series of circles in reverence i.e. to perform the ceremony of Arti. दीपक से अवतरणविधिपूर्वक आरती उतारना “
ध्रुवोदयी प्रकृति Karmic nature with concomitant fruition up to their annihilation. उदय व्युच्छित्ति पर्यंत जिनका उदय होता है । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धद्रव्यार्थिक नय – Shuddhadravyaarthika Naya. A viewpoint related to real entity or realness of matters. जो शुद्ध द्रव्य के अर्थरूप से आचरण करता है वह शुद्ध द्रव्यार्थिक नय है ” जैसे शुद्ध नय की अपेक्षा से जीव एक तथा शुद्ध है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुनर्वसु – Punarvasu. Name of a lunar. २७ नक्षत्रों में एक नक्षत्र, अभिनन्द्ननाथ भगवान के गर्भ एवं जन्म नक्षत्र का नाम “
ध्यानस्थ One engrossed in deep meditation. योगी, ध्यान में मग्न साधक । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == ज्ञानी : == केवलसत्तिसहावो, सोहं इदि चिंतए णाणी। —नियमसार : ९६ ‘मैं केवल—शक्ति स्वरूप हूँ’—ज्ञानी ऐसा िंचतन करे। जह कणयमग्गितवियं पि, कणयभावं ण तं परिच्चयइ। तह कम्मोदयतविदो, ण जहदि णाणी दु णाणित्तं।। —समयसार : १८४ जिस प्रकार स्वर्ण अग्नि से तप्त होने पर भी अपने स्वर्णत्व को नहीं…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलयुति – Pudgalayuti. Assemblage of matters. द्र्व्ययुती का एक भेद; एक स्थान पर पुद्गलों का मिलना “
धृष्टद्युम्न Brother of Dropadi, the chief warrior of Kaurvas. द्रोपदी का भाई, जिसने कौरव दल के सेनापति को युद्ध में असि प्रहार से मारा था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]