समपर्यकासन तप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समपर्यकासन तप – Samaparyamkaasana Tapa. A meditational posture (as austerity). कायक्लेश तप का एक भेद। आसन-जिसमें पिडंलियाॅ और स्फिक बराबर मिल जायें वह समपर्यकासन है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समपर्यकासन तप – Samaparyamkaasana Tapa. A meditational posture (as austerity). कायक्लेश तप का एक भेद। आसन-जिसमें पिडंलियाॅ और स्फिक बराबर मिल जायें वह समपर्यकासन है।
तक्षशिला Former name of the present city of Punjab ‘Taiksila’. वर्तमान टैक्सिला, उत्तर पंजाब का एक प्रसिद्ध नगर। सिंधु नदी से जेहलम तक समस्त प्रदेश का नाम तक्षशिला था, जिस पर सिकंदर के समय राजा अम्भी राज्य करता था। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
चरण Ascetic conduct, involving in introspection. चारित्र ; अपने में अर्थात् ज्ञानस्वभाव में ही निरंतर रमण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्य ग्रैवेयक – Madhya Graviveyaka. Three particular heavenly abodes among 9 Graiveyaks. 9 ग्रैवेयक विमानों में बीच के तीन विमान ;यशोधर,सुभद्र , सुविशाल “
चन्द्रकान्तशिला The cliffs of moon-stone having melting property. चन्द्रकान्त मणि से निर्मित एक शिला , ये शिलाएं रात्री में चन्द्रमा की किरणों का स्पर्श पाकर द्रवीभूत होने लगती हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोरति Name of a Vidyadhar-one proficient in super power by birth. एक महारथी विद्याधर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मद्यांग जातीय कल्प वृक्ष- Madyamga Jatiya Kalpavrksha. A type of wish fulfilling tree (providing exhilarating liquids). कल्पवृक्ष ; फैलती हुई सुंगंधि से युक्त तथा अमृत के समान मीठे मधु-मैरेय, सीधु, अरिष्ट और आसव आदि अनेक प्रकार के रसों को प्रदान करने वाले कल्प वृक्ष ” उपचार से इन वृक्षों को मद्यांग कहा है…
चन्द्रदेव Son of Jarasandh, A type of stellar deities. जरासंध का पुत्र, ज्योतिश्का देवों के ५ भेदों में से एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ – Shubha. Auspicious, Prosperous, Lucky, A type of physique making Karma Causing attractive body. मांगलिक, समृद्धशाली, नामकर्म का एक भेद जिसके उदय से शरीर रमणीय होता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतिज्ञान सिद्ध – Matigyana Siddha. Beings salvated by sensory knowledge ( according to Bhutpragyapan Naya). भूत प्रज्ञापननय की अपेक्षा मतिज्ञान से सिद्ध होने वाले जीव “