सभाभवन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सभाभवन – Sabhaabhavana. Assembly hall, Auditorium. कक्ष जिसमे सभा आयोजित की जाती है, व्यंतर आदि देवो के चैत्यालयो मे सभा मण्डप।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सभाभवन – Sabhaabhavana. Assembly hall, Auditorium. कक्ष जिसमे सभा आयोजित की जाती है, व्यंतर आदि देवो के चैत्यालयो मे सभा मण्डप।
उद्वर्तन Rising up (from lower living state). नरकगति व भवनत्रिकदेवगति से निकलना एंव उद्धार होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोचरी वृत्ति Procedure of food taking of Jaina saints. जैनसाधु की आहारचर्या को गोचरी वृत्ति कहते हैं क्क्योंकी गाय की भाँती वह दतार के प्रति निस्पृह रहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
थावर प्रतिमा Stable image of any thing. व्यवहार से चंदन, कनक, महामणि, स्फटिक आदि से बनी प्रतिमा थावर कहलाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घाट Name of the 5th Indrak or Patal (layer) of Sharkara Prabha earth, Bank of a river. शर्कराप्रबाह पृथिवी के ५वें इन्द्रक का पटल का नाम , नदी का किनारा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिसारी ऋद्धि- pratisari Rddhi A type of super natural power (reg. cognition of knowledge) ऋद्धि; जिसके प्रभाव से गुरु के उपदेष से आदि, मध्य अथवा अन्त में एक बीजपद को ग्रहण करके अधस्तन ग्रन्थ को जानना।
त्रैराशिकवाद Doctrine related to the conception of trio thoughts (like Jiva, Ajiva, Jiva-ajiva etc.). सर्व वस्तुओं को त्रयात्मक मानना अर्थात् तीन राशियों द्वारा चरण करने का सिद्धान्त जैसे जीव, अजीव , जीवाजीव, लोक , अलोक लोकालोक आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुप्तसंघ Name of a saint group (traditional). मूलसंघ के विघटन के पश्चात् अनेक अवांतर संघों में से एक संघ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त भय – Sapta Bhaya. Seven particular kinds of fear. इह लोक भय, परलोक भय, वेदना भय, मरण भय, अरक्षा भय, अगुप्ति भय, अकस्मात् भय। ये सात भय है जो सम्यग्दृष्टि को नही होते है।
त्रिवेदसिद्ध Beings salvated from all genders (in accordance with Bhavved). भाववेद की अपेक्षा जो तीनों वेदों से सिद्ध होते हैं त्रिवेदसिद्ध कहलाते है । द्रव्य से पुरूष वेदी, भाव से स्त्री वेदी एंव नपुंसक वेदी भी सिद्ध पद को प्राप्त कर सकते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]