स्यादपरम!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादपरम – Syaadaparama. Characteristic unstability of a matter.द्रव्य के समान 11 स्वभावो मे एक स्वभाव, कथंचित् अपने स्वभाव मे अचलवृद्वि न होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादपरम – Syaadaparama. Characteristic unstability of a matter.द्रव्य के समान 11 स्वभावो मे एक स्वभाव, कथंचित् अपने स्वभाव मे अचलवृद्वि न होना।
जघन्य स्थितिबंध Lowest Karmic binding state. संक्लेश के कम होने से कर्मों कला जघन्य स्थतिबंध होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मृत्यंतराधान – Smrtyamtaraadhaana. Forgetfulness (an infraction).दिग्व्रत का एक अतिचार। निष्चित की हुई मर्यादा का स्मरण न रखना अथवा उसका भूल जाना
जगत्कीर्ति Name of Acharyas. इस नाम के काष्ठासंघ व नंदिसंघ में आचार्य हुए ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सवैडूर्य – Savaidoorya. Another name of sumeru mountain amoung many. सुमेरू पर्वत क अनेक अपरनामों में एक नाम ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैभाविक भाव –VaibhavikaBhava. Passionate feelings contrary to real nature of the soul. रागादि से उत्पन्न होने वाले विकारी भाव “
जघन्य आयु The lowest life period. मनुष्य एवं तिर्यंच में एक उच्छ्वास के १८वें भाग क्षुद्रभव की जघन्य आयु होती है जबकि देव व नारकी में दस-दस हजार वर्ष की जघन्य आयु होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तदाकार Copy of the similar form (same appearance). उसी आकार का।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकृति स्वोदय – Prakrti Svodaya. Karmic natures which bind in ther own period of fruition. २७ कर्म प्रक्रतियां स्वोदय बंधी है अर्थात् इनका बंध अपने उदय के समय में ही होता है “