वरसेना!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरसेना – Varasenaa.: Name of the first chief Aryika (Ganini) in the holy assembly of Lord Vasupujya. भगवान वासुपूज्य के समवशरण में मुख्य आर्यिका (गणिनी) ” अपरनाम ,सेनार्या , सेना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरसेना – Varasenaa.: Name of the first chief Aryika (Ganini) in the holy assembly of Lord Vasupujya. भगवान वासुपूज्य के समवशरण में मुख्य आर्यिका (गणिनी) ” अपरनाम ,सेनार्या , सेना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यायचूलिका – Nyaayachoolikaa. Name of a book written by shri Aklanka Bhatt. श्री अकलंक भट्ट (ई. 640-680) कृत एक न्याय ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वनभूमि – Vanabhoomi: A land of natural temples with temple-trees (Chaitya Vriksh). अकृत्रिम चैत्यालयों को एक भूमि जिसमे चैत्यवृक्ष होते हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == ज्ञान : == सुत्तं अत्थनिमेणं, न सुत्तमेत्तेण अत्थपडिवत्ती। अत्थगई पुण णयवाय गहणलीणा दुरभिगम्मा।। —सन्मति तर्क् प्रकरण : ३-६४ सूत्र (शब्द पाठ) अर्थ का स्थान अवश्य है, परन्तु मात्र सूत्र से अर्थ की प्रतिपत्ति नहीं हो सकती। अर्थ का ज्ञान तो गहन नयवाद पर आधारित होने से बड़ी कठिनता…
आयुक्तकरण Inclinalion towards destruction of hermaphrodite libido (Neutralizalion). नपुंसक वेद की क्षपणा या उपशामना के लिए उद्यत होकर प्रवृत होना- उद्यतकरण है, आरम्भकरण व आयुक्तकरण एकार्थक है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरिणाम – Viparinama. Changed results. सत् के द्वारा अवस्थान्तर की प्राप्ति करना विपरिणाम है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकषाय – Nokashaaya. Subsidiary passion, Quasi passion. ईषत् अर्थात् किंचित् अर्थ में ‘नञ्’ का प्रयोग होने से किंचित् कषाय को अकषाय यो नोकषाय कहते है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्त जीव–Mukta jeev. Liberated soul. मोक्ष को प्राप्त जीव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वध –Vadha: Killing,Beating violently. मारना – हिंसा करना (आयु ,इन्द्रिय ,श्वासोच्छ्वास का जुदा कर देना ),अहिंसाणुव्रत का एक अतिचार ; दंड आदि से मारना पीटना “यहाँ वध का अर्थ प्राणों का वियोग करना नहीं लिया है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भग्न – Bhagna. Dilapidated, broken, Disappointed, defeated. ध्वस्त या टुटा हुआ अथवा जिसका उत्साह भंग हो गाया हो “