प्राणघातिकी हिंसा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणघातिकी हिंसा- प्रमाद योग से किसी जीव के प्राणों का घात करना। PranaghatikiHinsa- A type of violence, Killing
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणघातिकी हिंसा- प्रमाद योग से किसी जीव के प्राणों का घात करना। PranaghatikiHinsa- A type of violence, Killing
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौखर्य–Maukharya. Talkativeness, Useless talk, garrulity. अनर्थदंड विरति व्रत का एक अतिचार; वृथा बहुत बकवास करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहिर्मुखी- आत्मा से हटकर बाह्य पदार्थो की ओर जिसकी दृटि हो। Bahirmukhi- extroverted one
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलदत्त- सुपाश्र्वनाथ भगवान के मुख्य गणधर का ना (अपरनाम- बल, बलित्त, बलि)। Baladatta- name of chief disciples of lord suparshavnath
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिसुव्रत पुराण–Munisuvrat Puran. Name of a treatise written by Brahamchari Krishnadas. ब्र.कृष्णदास (ई. 1624) कृत 3025 श्लोक प्रमाण संस्कृत काव्य”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बानर- भरत चक्रवर्ती के 1 स्वप्नों में एक स्वप्न; हाथी के ऊपर बैठे बनर जिसका फल है क्षत्रिय वंश नष्ट हो जायेगा और शूद्र लोग राज्य करेंगे। Banara- a monkey, An ape (an illustration of one of the 16 dreams Bharat Chakravarti
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगशिरा–Mragshira. Name of a lunar. एक नक्षत्र; इसका अधिपति देवता सोम एवं आकार हिरण के सिर सामान है” भगवान्संभवनाथ का जन्म इसी नक्षत्र में हुआ था”
कामदेव- चैबीस तीर्थंकरो के समयो में अनुपम आकृति के धारक वे बाहुबलि प्रमुख 24 कामदेव होते है। इनकी उत्पत्ति चतुर्थ काल (दुषमा-सुषमा) काल में दी होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
फालि द्रवय A part of Karmic aggregates. समुदाय रूप कर्म निषेकों का खण्ड। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघातन कृति – Sanghaatana Kriti. Assimilation of molecules of body. पांचो शरीरों में से विवक्षित शरीर के परमाणुओं का निर्जरा के बिना जो संचय होता है उसे संघातन कृति कहते है “