देवप्रभ!
देवप्रभ An Acharya who wrote ‘Pandav Purana’. पांडव पुराण (प्राकृत) के कर्ता एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवप्रभ An Acharya who wrote ‘Pandav Purana’. पांडव पुराण (प्राकृत) के कर्ता एक आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्वष्टियोग Deeply engrossment into the supreme soul. ब्रह्मयोग। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रुअित A time unit. काल का एक प्रमाण, 64 लाख त्रुटितांग प्रमाण काल। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्दश नदी Fourteen rivers of Jambudvip (an island). जम्बूद्वीप की १४ महानदियाँ ; गंगा , सिंधु , रोहित , रोहितास्या , हरित , हरिकान्ता , सीता , सीतोदा , नारी , नरकाँटा , सुवर्णकूला , रूप्यकूला , रक्ता , रक्तोदा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एकांतानुवृद्धि Complete development of body. नवीन शरीर धारण के दूसरे समय से लेकर एक समय कम शरीर पर्याप्ति के अन्तर्मुहूर्त समय तक जो योगस्थान हो वे एकांतानुवृद्धि हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुरंक Infinite increase. असंख्यातभाग वृद्धि की चतुरंक संज्ञा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिलोकासार टीका A commentary book written by Acharya Madhava Chandra. आचार्य माधवचन्द्र त्रैविद्य कृत त्रिलोक ग्रंथ की टीका। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर बकुश – Sahreera Bakusha. A type of saints possessing some faults related to decoration of the body. बकुश साधु के दो भेदों में एक भेद; शरीर को साफ़ सुथरा रखने में जिनका विशेष उपयोग रहता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर संग्रह नय :A standpoint of knowing supreme authority only.स्ंग्रहनय का एक भेद,जो महासत्ता मात्र को ग्रहण करता है।
देवगत्यानुपूर्वी See – Devagati Pråyogyånupýrvî. देव- देवगति प्रायोग्यानुपूर्वी ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]