गुणाढ्य!
गुणाढ्य Rich in virtues. गुण रूपी रत्नों का धनी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदसाहित्य: Name of aphilosopical book. ई0 सन 1724.32 में अध्यात्म पद विषयक रचित एक ग्रंथ ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष गुण – Vishesha. Guna. Special characteristics recognizable properties of matter. जिस गुण से द्रव्यों में भेद जाना जाता है अर्थात् विशेष गुणों के द्वारा द्रव्य विशेष सिद्ध किया है ” सर्वद्रव्यों में विशेष गुण १६ हैं “
गोमूत्रिका गति Curved motion (in the style of urination of cow). गाय के चलते समय मूत्र करना अनेक मोडों वाला होता है , उसी प्रकार तीन मोडों वाले विग्रहगति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदारगिरि (तीर्थ) : Name of a Digambar Jain pilgrimage near Bhagalpur, Bihar. Three auspicious events (Diksha, Gyan & Moksh Kalyanaks) of Lord Vasupujya occurred here. बिहार प्रदेश में भागलपुर के नजदीक स्थित एक तीर्थ क्षेत्र ” यह चम्पापुरी तीर्थ क्षेत्र के ही अंतर्गत आता हैं, यहाँ से भगवान वासु पूज्य के दीक्षा, ज्ञान…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पत्रचार ऋद्वि:A type of supermatural power of unviolennceful passing through leves (related to Jaina saints). दिगम्बर जैन मुनियों को प्राप्त होने वाली एक ऋद्वि जिसके प्रभाव से पत्तों आदि में रहने वाले जीवों की विराध्ना न करके उनके ऊपर से मुनिगण जा सकते है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मैनासुंदरी–Mainasundri. Name of a great pious lady in the Jain history. राजा पहुपाल की पुत्री, जिसे क्रोध के वश पिता ने श्रीपाल कुष्टी के साथ विवाह दी” गंधोदक द्वारा पति का कुष्ट दूर किया आयर अन्त में दीक्षा ली”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजिष्णु – Vijishnu.: One of the 88 planets(71th). ज्योतिष के 88 ग्रहों में 71वां ग्रह “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंडल: Sphere, zone, region. प्राणायाम सम्बन्धी अग्रि मंडल, आकाश मंडल, जनपद आदि “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पट्टन:City, town (48000 cities of Chakravarti are one of his grandeurs) नगर, चक्रवर्ती का 36 वाॅं वैभव – 48000 पत्तन ।