चर्म!
चर्म Skin, leather. त्वचा , चमड़ा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दर्शन – ज्ञान-चारित्र Three jewels of Jainas (Right faith, Right knowledge & Right conduct ). रत्नत्रय सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र इन तीनों गुणों को रत्नत्रय कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देश संयम Partial control (reg. good conduct of householder). श्रावक का चारित्र , 12 व्रत (पाँच अणुव्रत, तीन गुणव्रत, चार शिक्षाव्रत) आदि पालन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चंद्रानन A Tirthankar (Jaina-Lord) of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र के विद्यमान २० तीर्थंकर में एक तीर्थंकर का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मद – Mada. Proud, Pride, Arrogance, Hautiness. घमंड , यहज्ञान , कुल , रूप आदि 8 भेदों वाला होता है “
चंद्रप्रभु Name of the 8th Tirthankar (Jaina-Lord). ८वें तीर्थंकर ; इनका जन्म चन्द्रपूरी के इक्ष्वाकुवंशी राजा माहासें एवं रानी लक्षमणा के यहाँ हुआ था. इनकी १० लाख पूर्व की आयु एवं १५० धनुष (छह सौ हाथ) शरीर की ऊंचाई थी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिपुर चक्र – Manipura Chakra. Circular position of navel to be used for the installation of Mantras in meditation. नाभिचक्र; इसके ऊपर मन्त्रों को स्थापित कर ध्यान किया जाता हैं “
आहृतादान Receiving of stolen property by means of purchase. अचैर्याणुव्रत का एक अतिचार, चोर से चोरी का माल खरीदना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गृहस्थापित दोष A fault of hermitage. वसतिका का एक दोष; गृहस्थ द्वारा स्वयं के किए बनवाया गृह, साधु आश्रय के नाम करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समगुण – Samaguna. Similar virtues or properties. सदृष या समान गुण।