लिंग पाहुड!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग पाहुड – आचार्य कुन्दकुन्द कृत साधु के द्रव्य व भाव लिंग विशयक 22 गाथा निबद्ध ग्रंथ। Limgapahura-Name of a treatise written by Acharya Kundkund
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंग पाहुड – आचार्य कुन्दकुन्द कृत साधु के द्रव्य व भाव लिंग विशयक 22 गाथा निबद्ध ग्रंथ। Limgapahura-Name of a treatise written by Acharya Kundkund
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्थान गोपुच्छा :Particular decreasing sequence of Krishti.निचली विवक्षित संग्रह कृष्टि की अन्त कृष्टि के ऊपर की अन्य संग्रहकृष्टि का विषेष घटता क्रम ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लवणोदसिद्ध – क्षेत्र की अपेक्षा से लवण समुद्र से सिद्ध होने वाले जीव स्तोक है। Lavanodasiddha-salvated beings from the lavan ocean
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर सामान्य:A type of universal entities. सामान्य का एक भेद, इसे सत्ता, भाव और महासामान्य भी कहते है।
तुंबूलाचार्य Name of a great Acharya. एक आचार्य जिनहोंने षट्खण्ड के प्रथम पांच खण्डों पर चूडामणि नामक अीका की रचना 84000 श्लोकों में की (ई.श.3-4)। अपरनाम तुम्बुलूर आचार्य। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरण – Sharana. Shelter, Refuge, Protection. सहारा, आश्रय, रक्षा ” शरण के दो भेद हैं-लौकिक अर्थात् राजा आदि की शरण एवं लोकोत्तर अर्थात् 5 परमेष्ठी या धर्म की शरण “
देवरम्या Name of a dominion, ‘Chandani’ of Bharat Chakravarti. भरत चक्रवती की एक विभूति ‘चाँदनी’ का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परवर्ती:Successive, Subsequent.क्रम, वंश अथवा शाखा में होने वाले आचार्य आदि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य उपयोग – Saamaanya Upayoga.. General perception, Another name of Darshanopyog. दर्शनोपयोग जो सामान्य अथवा सत्ता स्वभाव का ग्रहण करता है।