रत्नावतंसिका!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नावतंसिका – बलभद्र को प्राप्त चार महारत्नो में एक रत्न यह बलभद्र राम की माला का नाम है इसकी 1000 देव रक्षा करते है। Ratnavatamsika- One of the great Jewels of balbhadra, Ram a wreath
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नावतंसिका – बलभद्र को प्राप्त चार महारत्नो में एक रत्न यह बलभद्र राम की माला का नाम है इसकी 1000 देव रक्षा करते है। Ratnavatamsika- One of the great Jewels of balbhadra, Ram a wreath
चक्रवर्ती Universal monarch, world conqueror, emperor. चक्ररत्न का स्वामी . यह षट्खण्डाधिपति , दिग्विजई, ३२ हजार राजाओं का अधिराजा , १४ रत्नों , ९ निधियों का तेजस्वी अधिपति होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिकेतु – Maniketu. The name of a very small comet & of a deity. एक बहुत छोटा पुच्छल तारा , एक देव जिसने स्वर्ग में की गई प्रतिज्ञानुसार युक्ति पूर्वक सगर चक्रवर्ती के पास जाकर उन्हें वैराग्य धारण कराया था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्ष्मीमती – रूचक पर्वत निवासिनी दिक्कुमारी देवी, हस्तिनापुर केे राजा सोमप्रभ की रानी जयकुमार की माता, तीर्थकर चद्रप्रभ की माता लक्ष्मणा का अपरनात। Laksmimati-Name of presiding female divinity of ruchak mountain, The3 queen of the king Somprabh of hastinapur , another name of mother of Jaina lord Chandraprabh
गृहस्थाश्रम The life of householder leading worldly life. चार आश्रमों में एक; इस आश्रम में विवाह के बाद गृहस्थ समाज सेवा के कार्यों में प्रवृत्त होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्य पात्र – जो सम्यग्दर्षन से षुद्ध है धर्मध्यान में लीन रहता है और सब तरह केे परिग्रह व मायादि षल्यों से रहित है। Yogya patra-Absolutely worthy saint
चंदनाचारित्र Name of a book. चंदना के चारित्र पर आधारित एक ग्रन्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योग्य क्षेत्र – पर्वत, गुहा, वृक्ष की कोटर , नदी का तट, नदी का पुल आदि समस्त ध्यान के योग्य स्थान। Yogya Ksetra-Suitable area or space for meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यौवराज्य क्रिया – गर्भान्वय की 53 क्रियाओ में एक क्रिया, इसमें युवराज को अभिशेक राजपटट् वाधा जाता है। Yauvarajya Kriya-An auspicious activity of enthronement