दीपसेन!
दीपसेन Name of an Acharya, disciple of Acharya Nandisen. आचार्य नंदिसेन के शिष्य तथा धरसेन के गुरू (श्रुतावतार से भिन्न कथानुसार)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दीपसेन Name of an Acharya, disciple of Acharya Nandisen. आचार्य नंदिसेन के शिष्य तथा धरसेन के गुरू (श्रुतावतार से भिन्न कथानुसार)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहसा निक्षेप – Sahasaa Nikshepa. Sudden installation of something due to some fear etc. निक्षेपाधिकरण के 4 भेदों में एक भेद । यकायक किसी भय से या किसी अन्य कार्य करने की शीघ्रता से वस्तु को रख देना । यह अजीवाधिकरण आस्रव का एक कारण है।
दिग्व्रत A great vow of renouncement (restrictions in place wandering, business etc.). प्रथम गुणव्रत दिशाओं विदिशाओं में जाने का एंव व्यापारादि करने की मर्यादा का नियम कर लेना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोग्य लब्धि- सम्यग्दर्षन की प्राप्ति में आधारभूत 5 उब्धियों में से चतुर्थ लब्धि, सर्व कर्मो की उत्कृश्ट स्थिति और उत्कृश्ट उनुभाग को घात करके अंतःकोड़ाकोडी स्थिति और द्विस्थानीय अनुभाग में स्थित कर देना। PrayogyaLabdhi- A type of attainment (Labdhi) before getting Samyakdarshan, experimental competency attainment
दशार्ण Eastern part of Malwa, A country of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). मालवा का पूर्व भाग, भरतक्षेत्र आर्यखण्ड का देश ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तोयस्तम्भिनी A supernatural power of propping water. जल का स्तम्भन करने वाली एक विद्या, रावन ने यह सिद्ध की थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ऊर्ध्वगुरूत्व Upward attractive force. किसी चीज को ऊपर की तरफ ले जाने की सामर्थ्य उर्ध्वगुरूत्व है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रातिक देव- एक प्रकार का व्यंतरजातीय देव। Pratika Deva- A type of peripatetic deities
दश द्वार Ten means of air–exit in the body. प्राणायाम करी वायु निकलने के सूक्ष्म छिद्र तालुन्ध्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]][[श्रेणी:पुत्र]] प्राणत – कल्प स्वर्गो में 14 वा कल्प ;स्वर्गद्ध Pranata- The 14th heaven