गोचरी प्रतिक्रमण!
गोचरी प्रतिक्रमण Repentance for sins after food taking activity by a saint. गोचरी से आने पर साधु द्वारा किया जाने वाला प्रतिक्रमण ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोचरी प्रतिक्रमण Repentance for sins after food taking activity by a saint. गोचरी से आने पर साधु द्वारा किया जाने वाला प्रतिक्रमण ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंदप्पहचरिउ A book written by Brahmadamodar. ब्रह्मदामोदर द्वारा रचित चनराप्रभ चरित्र. समय- ई. ११ मध्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाट – गुजरात के प्राचीन काल मे तीन भाग थे। उसमें से गुजरात का मध्य व दक्षिण भाग लाट कहलाता था। Lata-South and middle part of Gujrat state (of ancient time)
गृहीत द्रव्य Acquired matter, changed form of matter. ग्रहण किया गया द्रव्य, द्रव्य परिवर्तन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निदान-भोगों की तृष्णा से पीडित होकर रातदिन आगामी भोगों को प्राप्त करने की ही चिन्ता करते रहना निदानज नामक आर्त्तध्यान है”
घातिया कर्म Destructive Karmas. जिसके उदय से जीव के ज्ञानादि अनुजीवी गुणों का घात होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मगधसारनलक- Magadhasaranalaka. Name of a city situated in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर “
घ The fourth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का चतुर्थ व्यंजन , इसका उच्चारण-स्थान कण्ठ है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तभंगी तरंगिणी – Saptabhamgii Taramginii. Name of a treatise written by Vimaldas on Nyaya philosophy. विमलदास (श्रावक) (ई.श. 14-15) कृत संस्कृत भाषा का न्याय विषयक ग्रंथ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धोदन – Shuddhodana. The father of Mahatma Buddha. महात्मा बुद्ध के पिता “