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[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपादन – Pratipaadana. Afirming, Representing, Expounding, Proving. व्याख्यान, विस्तृत रूप से प्रस्तुत करना “
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धनपाल A type of peripatetic celestials, Name of the writer of ‘Bhavishyadatta Charitra’. यक्ष जाति के व्यंतर देवों के 12 भेदों में नवां भेद, ‘ भविष्यदत्त चरित्र’ प्राकृत के कर्ता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिघात कर्म – Pratighaata Karma See – Pratighaatkarma. देखें – प्रतिघतकर्म “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भरतकूट – Bharatakuta. Name of summits of Vijayardh & Himvan moun- tains. विजयार्ध पर्वत की उत्तर व दक्षिण श्रेणियों पर स्थित कूट एंव हिमवान् पर्वत पर स्थित एक कूट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतरांगुल – Prataraangula. A unit of area measurment. सूच्यंगुल के वर्ग को प्रतरांगुल कहते है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजंगदेव – Bhujangadeva. A type of peripatetic deities living at some up – per distance from the earth. महोरग जाति के व्यंतरों का एक भेद, लवण समुद्र के ऊपर आकाश में स्थित भुजंग नामक देवों की २८ हजार नगरियाँ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदंतसागर – Puspadamtasagara. Name of a saint, the disciple of Acharya Shri Vimalsagar Maharaj. आचार्यश्री विमलसागर महाराज के एक प्रसिध्द आचार्य- शिष्य (ई. श. २०-२१), जिनकी प्रेरणा से सोनकच्छ (म. प्र.) के नजदीक पुष्पगिरी तीर्थ का निर्माण हुआ है “
द्वीपायन A king of Kuru dynasty, by whose passionate anger Dwarika was burnt when he was in Muni stage. कुरूवंश के एक राजा , जो आगे चलकर एक मुनि हुए जिनके क्रोध से द्वारिका भस्म हुई। इनका अपरनाम – द्वैपायन मुनि भी है। विशेष कथा हरिवंशपुराण एंव पाण्डवपुराण में देखें ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करवृक्ष – Puskaravrksa. Earth bodied tree existing in Pushkarardhdvip (island). पुष्करार्धद्वीप में स्थित पृथ्वीकायिक वृक्ष, जिसके नाम से ‘पुष्कर द्वीप’ का नाम सार्थक है. इसके परिवार वृक्ष ५, ६०, ४७६ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुष – Purusa. Male, Masculine gender. जो उत्कृष्ट गुणों में और उत्कृष्ट भोगों में प्रवृति करता है एवं अच्छे भोगों में प्रवृत्त रहता है. नामकर्म के उदय से पुरुष शरीर की संरचना और पुरुषवेद कर्म के उदय से तज्जन्य भाव वाला जीव पुरुष कहलाता है “