मेघंकरी!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघंकरी– Meghankari. The female divinity of Nanadankut (a summit) of Nandan forest. नन्दनवन के नन्दंकुट कीस्वामिनी एक दिक्कुमारी देवी”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघंकरी– Meghankari. The female divinity of Nanadankut (a summit) of Nandan forest. नन्दनवन के नन्दंकुट कीस्वामिनी एक दिक्कुमारी देवी”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभंजन- मानुशोत्तर पर्वत का एक कूट व उसका स्वामी एवं भवनवासी वायुकुमार देवों का इन्द्र। prabhamjana – name of a summit of manushottar mountain and its ruling deity.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त पाहुड़ – Sachitta Paahura. Animate gifts (pertaining to living objects). निक्षेप रूप पाहुड़ का एक भेद; उपहार रूप से भेजे गये हाथी, घोडा और स्त्री आदि सचित्त पाहुड़ है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशत्व- द्रव्य का एक सामान्य गुण; जिस शक्ति से द्रव्य का कोई न कोई आकार बना रहता है। pradesatva – characteristics of occupancy in any matter
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रलय- विनाष, सृश्टि विनाष। अवसर्पिणी काल में छठें-दुखमा काल के उनचास दिन कम इक्कीस हजार वर्शो के बीत जाने पर जंतुओं को भयदायक घोर प्रलयकाल प्रवृत्ती होता है। Pralaya- Dissolution of the world, disaster, catastrophe
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रौद्र – हिंसा व क्रूरता का कर्म व इसमें होने वाला भाव, काव्य के 9 रसों में एक रास। Raudra-violent, passion fearsome a literary sentimental form of poem
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपिणी – इच्छानुसार अपना रूप परिवर्तन करने में सक्षम एक विद्या। Rupini-a magical power of transforming body form
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमार्जित- पिच्छी आदि कोमल उपकरण से साफ की हुई भूमि आदि। Pramarjita- Carefully purified place, body etc
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राश्ट्रकूटवंश – जंगतुग अमोधवर्श आदि राजाओ का वंष। इस वंष का राज्य मालवा प्रदेष में था। राजधानी मान्यखेट थी। Rastrakutavamsa-Name of a dynasty