मध्यम धर्मध्यान!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम धर्मध्यान – Madhyama Dharamadhayana. A kind of right religious observances. धर्मध्यानके 3 भेदों में एक भेद ” गृहस्थ धर्म का संचालन करते हुए धर्म के प्रति भी मध्यम प्रवृति करते रहना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम धर्मध्यान – Madhyama Dharamadhayana. A kind of right religious observances. धर्मध्यानके 3 भेदों में एक भेद ” गृहस्थ धर्म का संचालन करते हुए धर्म के प्रति भी मध्यम प्रवृति करते रहना “
ग्रहण Acceptance, Acquisition, Receiving, Eclipse. स्वीकार करना , अवग्रह ,जानना , सूर्य या चंद्रग्रहण पड़ना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समचतुररत्र संस्थान (नामकर्म) – Samachaturasra Sansthaana (Naamakarma). Physique making karma causing formation of property proportionate body. जिस कर्म के उदय से जीव का शरीर सुडौल होता है उसे समचतुररत्र संस्थान नामकर्म कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रौद्र – हिंसा व क्रूरता का कर्म व इसमें होने वाला भाव, काव्य के 9 रसों में एक रास। Raudra-violent, passion fearsome a literary sentimental form of poem
चलितरस Non edible liquids, fermented oil etc. अभक्ष्य; जिन चीज़ों का स्वाद बिगड़ गया हो ऐसी घी , तेल आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुर (कवि) – Madhura (Kavi). Name of a Kannad poet who wrote ‘Dharmanath Puran’. धर्मनाथ पुराण के रचियता एक कन्नड़ कवि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपिणी – इच्छानुसार अपना रूप परिवर्तन करने में सक्षम एक विद्या। Rupini-a magical power of transforming body form
चंद्रावर्त A king of Rakshas descendant. राक्षसवंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मत्स्य – Matsya. A fish, Name of a country of middle Arya Khand of Bharat Kshetra (region). मछली, भरत क्षेत्र में मध्य आर्यखंड का एक देश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राश्ट्रकूटवंश – जंगतुग अमोधवर्श आदि राजाओ का वंष। इस वंष का राज्य मालवा प्रदेष में था। राजधानी मान्यखेट थी। Rastrakutavamsa-Name of a dynasty