युधिश्ठिर!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युधिश्ठिर – कुरूवंषी राजा पाण्डु व कुन्ती का ज्येश्ठ पुत्र, षत्रुंजय गिरि से निर्वाण प्राप्त किया। Yudhisthira- a son og king ‘pandu’ related to kuru dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युधिश्ठिर – कुरूवंषी राजा पाण्डु व कुन्ती का ज्येश्ठ पुत्र, षत्रुंजय गिरि से निर्वाण प्राप्त किया। Yudhisthira- a son og king ‘pandu’ related to kuru dynasty
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हनुमंत चारित्र – Hanumammta Caarita. Name of a book written by Pandit Raimalla. पं रायमल्ल (ई. 1575-1593) कृत भाषा ग्रंथ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर प्रत्यय उत्पाद:See- Para Nimittaka Utpada.देखे निमित्तक उत्पाद ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंघन – किसी कारणवष भोजन का त्याग कर देना लंघन है तथा विशय कशाय व आरम्भ का जहां संकल्पपूर्वक ध्यान किया जाता है वह उपवास हैं Lamghana-Food renunciation
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेदयबंधी प्रकृति – Svodayabamdhii Prakrti. Karmic natures causing binding with self rising. स्वयं के उदय के साथ बंधने वाली प्रकृतियाॅ। ज्ञानावरणी की 5, अंतराय की 5, दर्शनावरणी की चक्षुदर्शनावरणादि 4, तैजस शरीर, कार्मण शरीर, निर्माण, स्थिरयुगल, शुभयुगल तथा वर्णचतुष्क, अगुरुलधु और मिथ्यात्व इन 27 प्रकृतियो का स्वोदय से बंध होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रयकथा – आचार्य पùनंदी (इ्र, 1280 – 1330) कृत एक संस्कृत ग्रंथ Ratnatrayakatha-Name of a boom written by acharya Padmanandi
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक विमान – Svaabhaavika Vimaana. Natural aboding places of heavenly deities. विमान के दो भेदो मे एक भेद-एक विक्रिया से उत्पन्न हुए और दूसरे स्वभाव से । विक्रिया से उत्पन्न हुए विमान विनश्वर होते है व स्वभाव से उत्पन्न हुए विमान रम्य, नित्य व अविनश्वर होते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युग्म – जुडवा सम इसके कृतयुग्म और बादरयुग्म दो भेद है कृतयुग्म जो राषि चार से अवहत होती है। बादरयुग्म जिस राषि को चार से अवहन करने पर दो षेश बचता है। Yugma-Pair, Even number
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्थान-स्वस्थान-अवस्थान – Svasthaana-Svasthaana-Avasthaana. Activity done by one in own birth place. अपने उत्पन्न होने के ग्राम, नगर अथवा अरण्य मे सोना, बैठ़ना, चलना आदि व्यापार से युक्त रहने का नाम स्वस्थान-स्वस्थान-अवस्थान है।