आपृच्छना!
आपृच्छना Obtaining permission, Asking. आतापनादि योग के ग्रहण में, आहारादि की इच्छाएं तथा अन्य ग्रामादि को जाने में नमस्कार पूर्वक पूछकर गुरु आदि के अनुसार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आपृच्छना Obtaining permission, Asking. आतापनादि योग के ग्रहण में, आहारादि की इच्छाएं तथा अन्य ग्रामादि को जाने में नमस्कार पूर्वक पूछकर गुरु आदि के अनुसार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध्यक्षर – अक्षर के तीन भेदो मे एक भेद, सूक्ष्म निगोेद लब्ध्यापर्याप्तक से लेकर श्रुत केवली तक जीवो के जितने क्षयोपषम होते है उन सबकी लब्ध्यक्षर संख्या है। Labdhyaksara- Destructional cum subsidential state of karmas of all beings
त्रिमुख Ruling demigod of Lord Sambhavnath. संभवनाथ भगवान का शासन यक्ष। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिवा मैथुन त्याग Renouncement of sensual enjoyment during day time (6th model stage of householders). श्रावक की 11 प्रतिमाओं में छठी प्रतिमा दिन में मैथुन सम्बन्धी चेष्टा का त्याग करना (कहीं इस प्रतिमा का नाम रात्रिभुक्ति त्याग भी है)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इंद्रिय अवाय Sensory judgement. इन्द्रियों के द्वारा विशेष चिन्हों को देखकर पदार्थ का निर्णय कर लेना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आबाधा आवली Time – lag trail (invariant trail-a period of time separating two events, especially an action and its effect related to Karmas). अचलावली उदीरणा की अपेक्षा सब कर्मों की आबाधा एक आवली प्रमाण होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव नमस्कार – Bhava Namaskara. Psychical reverence or adoration for Lord Arihant. मन के द्वारा पंचपरमेंष्ठी के गुणों का स्मरण करना “
इज्या Substitute word for worshipping method. पूजा विधि का पर्यायवाची शब्द, अर्हन्त भगवान की भक्ति करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आबाधाकाल Quiescence period – matter with fruition-less Karmas. कर्मरूप होकर आया हुआ द्रव्य जब तक उदय या उदीरणा रूप न हो तब तक के काल को आबाधाकाल कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेशन्दीगिरि तीर्थ – मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में अवस्थित एक सिद्ध क्षेत्र जहां से वरदत्त आदि मुनि मोक्ष पधारे। इस क्षेत्र का दूसरा नाम नैनागिरी भी है। Resandigiri (Tirtha)-Name of a place of pilgrimage (Siddhakshetra) of M. P. It’s another name is nainagiri