गौण्यपनामपद!
गौण्यपनामपद A type of Upakram. उपक्रम का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणप्रत्यासत्ति Mutual acceptance with virtues. संयोगसम्बन्ध ; गुणों द्वारा परस्पर का एक दुसरे को ग्रहण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदभाव:Slight consequences passions. कषायों की उदीरणा के अभाव में होने वाले मंद कषाय रूप परिणाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघात समास ज्ञान –Sanghaata Samaasa Gyana. The 8th division of Shrutgyan (scriptural knowledge) among all 20 divisions. श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 8 वां भेद “
गणधर Chief disciple (Gandhar) of Teerthankar (Jaina lord). तीर्थंकर के प्रमुख शिष्य इनके अन्य नाम गणी, गणीश ,गणपति ,गणेश आदि भी हैं। ये समस्त श्रुत के पारगामी, सातों ऋद्धियों के धारक, मुनियों के स्वामी एवं चार ज्ञानधारी होते हैं। [[महावीर स्वामी के गणधर]] [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्म दर्शन – Shuddhaatma Darshana. Right faith (in supreme being), A synonym word for Mokshmarg (path of salvation). देखें – शुद्धात्म ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सद्वर्माविसंवाद – Saddharmaavisamvaada. Not keeping harmony with fellow borthers. साधर्मी भाइयो से लड़ाई झगड़ाः ऐसा नही करना अचैर्य व्रत की 5 भावनाओं मे अंतिम भावना हेै।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विघ्न- Vighna.: Obstruction,hinderance,obstacle. अन्तराय; किसी भी कार्य में बाधा आना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष उपयोग – Vishesha. Special consciousness. ज्ञानोपयोग या साकारोपयोग, जो सामान्य – विशेशात्म्क पदार्थो के आकार को ग्रहण करे अर्थात् ज्ञान पदार्थो को विशेष करके जानता है “