व्यंजन पर्याय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन पर्याय –Vyainjana Paryaya. Physical form of beings. जो स्थूल है, शब्द के द्वारा कही जा सकती है और चिरस्थायी है उसे व्यंजन पर्याय कहते हैं ” जैसे-जीव की सिध्द या मनुष्य आदि पर्याय “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन पर्याय –Vyainjana Paryaya. Physical form of beings. जो स्थूल है, शब्द के द्वारा कही जा सकती है और चिरस्थायी है उसे व्यंजन पर्याय कहते हैं ” जैसे-जीव की सिध्द या मनुष्य आदि पर्याय “
देशभूषण Name of a great Acharya possessing supreme knowledge (omniscience), A famous Acharya of 20th century, the spiritual preceptor (initiator) of Ganini Gyanmati Mataji. कुंथलगिरि सिद्धक्षेत्र से मोक्ष प्रापत करने वाले केवली, जिनका उपसर्ग श्री रामचंद्र जी ने दूर किया था, बीसवीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध आचार्य जिनसे गणिनी ज्ञानमती माताजी ने सन् 1952-53 में…
आर्यिका Jaina most virtuous and adorable female ascetics are called ‘Aryika’, Name of a book written by Ganini Gyanmati Mataji. नारी जीवन के उत्कृष्ट त्याग की अवस्था।दिगम्बर मुनियों के समान ही आर्यिकाओं की विधि होती है, एक साड़ी मात्र नवधाभक्ति कहते हैं।अहिंसा आदि पांच महाव्रतों का पालन करने वाली यह कर्म शत्रु का विनाश करने…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणभक्ति – Nirvaanabhakti. A devotional prayer for salvation of one, A composition Composed by Acharya Kund-Kund & Acharya Pujyapad. 10 भक्तियों में एक भक्ति-आचार्य कुंद-कुंद द्वारा प्राकृत में रचित एवं आचार्य पूज्यपाद द्वारा संस्कृत में रचित “
देवमाल A mountain situated in western Videh Kshetra (region). अपर (पश्चिम) विदेह स्थित एक वक्षार पर्वत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्लोभ – Nirlobha. Greedless. शौच धर्म; चारों prप्रकार kके लोभ से रहित होना “
दिशामंत्य Another name of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत का अपरनाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आहारपर्याप्ति नामकर्म Complete development of body after trans-migration. आहार वर्गणा के परमाणुओं को खल व रसभाग रूप परिणामावने के कारणभूत जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्रत्यय – Bahya Pratyaya. External causes for passions. क्रोधादि रूप भाव कषाय कि उत्पति के कारण भूत जो जीव और अजीव रूप बाह्य द्रव्य है वह बाह्य प्रत्यय हैं “
देयद्रव्य Matters to be added into Nishek and Krishti (specific Karmic aggregate). देने योग्य पदार्थ (व्यवहारिक अर्थ) जो द्रव्य निषेकों व कृष्टियों आदि में जोड़ा जाता है, उसे देय द्रव्य कहते हैं। (सैद्धान्तिक अर्थ)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]