आनर्थक्य!
आनर्थक्य Unnecessary, Unnecessary possession of things. अनावश्यक भोग-उपभोग के लिए आवश्यकता से अधिक वस्तु रखना (भोगोपभोग परिमाण व्रत का एक अतिचार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आनर्थक्य Unnecessary, Unnecessary possession of things. अनावश्यक भोग-उपभोग के लिए आवश्यकता से अधिक वस्तु रखना (भोगोपभोग परिमाण व्रत का एक अतिचार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजा – देष का एक प्रधान पुरूश, प्रजा का रक्षक। Raja-A king as a protector, a ruler of a country
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोभद्र – श्रुतकेवली भद्रबाहु द्वि के गुरू जो आचारांग के गुरू थे। समय ई पू 53 – 35 Yoshobhadra and another name of Acharya Bhadrabahu (II)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधर – भूतकालीत 19 वें तीर्थकर, मध्यम ग्रैवेयक का एक इन्द्रक विमान, मानुशोत्तर पर्वत के सौगन्धिक कूट का एक देव, एक राजा जिन्होने आटे के मुर्गे की बलि करके कई भवों तक दुर्गति के दुख उठाये। देखें – यषोधर चरित, आटे का मुर्गा आदि पुस्तकें। Yasodhara-Name of the 19th Tirthankar (Jaina-Lord) in the past…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रि – रात – सूर्यास्त से लेकर सूर्यांेदय तक का समय। Ratri-Night time(hours)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य नय – Saamaanya Naya. General standpoint or attitude. सामान्य विचारधारा, नय के 42 भेदों में एक भेद । आत्मद्रव्य सामान्य नय से हार-माला-कण्ठी के डोरी की भांति व्यापक है।
एक-अजीव कर्म Karmas related to non soul matters. द्रव्य कर्म- कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोहितास्या नदी – 14 महानदियों में चैथी नदी,, ये हिमवान पर्वत के सरोवर से निकलकर हैमवत क्षेत्र में बहकर पष्चिम समुद्र में गयी है। Rohitasya nadi-Name of the fourth great river among 14
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य ज्ञान – Saamaanya Gyaaana. General knowledge. द्रव्य सामान्य मात्र को ग्रहण करने वाला ज्ञान ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्कराभ – Bhaskarabha. Name of a king of Rakshas dynasty. राक्षस वंश का एक राजा “