नीचगोत्र कर्म प्रकृति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचगोत्र कर्म प्रकृति – Neechagotra karmaprakriti. Karmic nature causing birth in low-caste group. वह कर्म प्रकृति जिसके उदय से गर्हित कुल में जन्म होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचगोत्र कर्म प्रकृति – Neechagotra karmaprakriti. Karmic nature causing birth in low-caste group. वह कर्म प्रकृति जिसके उदय से गर्हित कुल में जन्म होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्ष्याभक्ष्य – Bhaksyabhaksya. Different types of edible (vegitable) and non- edible (non-vegitable) items. दाल, दूध, दही, फल आदि भक्ष्य अर्थात् खाने योग्य एंव मघ, मांस, मधु, उदुम्बर फल आदि अभक्ष्य अर्थात् ‘नहीं खाने योग्य’ पदार्थ “
चतुर्दश पूर्व Fourteen Purvas – early canons (texts). उत्पाद पूर्व, अग्रायणीय , वीर्यप्रवाद , ज्ञानप्रवाद , सत्यप्रवाद ,आत्मप्रवाद ,कर्मप्रवाद ,प्रत्याख्यान , वीर्यानुवाद , कल्याणवाद ,प्राणावाद , क्रियाविशाल , लोकबिंदुसार ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन गोचरातीत – Vachan Gocharaatita.: That which can not be expressed in words. जिसका वचन के द्वारा कथन न किया जा सके ” जैसे – अरिहंत भगवान के अनंत गुणों का वचनों के द्वारा वर्णन करना अशक्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्परिग्रह – Nishparigraha. Deprived of possession or attachement. संपूर्ण परिग्रह से रहित होना “
उद्भेदिम A type of five – sensed – beings. पंचन्द्रिय जीवों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वकुश –Vakush: Jain saints with attachments . चितकबरा ;जैसा सफेद पर काले धब्बे होते हैं वैसे ही मुनिगण जिनके निर्मल आचार (चारित्र ) में शरीर आदि का मोह धब्बे की तरह होता है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संशय : == जे किर किसीवलाई फलसंसईणो किसिं बिलंबंति। अविकलकारणभावे वि सस्सभागी न ते हुंति।। एवमणुट्ठाणमिणं फलसंसयगब्भिणं पकुव्वंता। दुक्करयं पि हु तप्फला विवज्जिया ते विसीयंति।। —कहारयणकोष : ६-७ जो लोग किसान हैं, वे फल में संशय रखते हुए यदि कृषि कर्म में विलम्ब करते हैं तो वे अविकल…
थ The seventeenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का सत्रहवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंगा –Vangaa.: Name of a river of middle Arya Khand(region). मध्य आर्यखंड की एक नदी “