प्रादूषिक क्रिया!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादूषिक क्रिया- राग, द्वेश, इश्र्या आदि से युक्त कार्य। Pradusikakriya- Malicial activity
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादूषिक क्रिया- राग, द्वेश, इश्र्या आदि से युक्त कार्य। Pradusikakriya- Malicial activity
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणव्यपरोपण- हिंसा; जीवों के प्राणों का घात करना। Pranavyaparopana- Violenceful activities
झझावात Heavy rainy storm. जलवृष्टि सहित जो वायु बहती है उसे झांझावात कहते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन पृच्छा आलोचना- आलोचना का एक दोा; आचार्य महाराज द्वारा दिये गये प्रायश्चित में अश्रद्धान करके वह योग्य है या अयोग्य ऐसा अन्य किसी से पूछना। Bahujana Prccha alocana- Disbelieving on the repentance given by an acharya (a fault)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृद्धि – हानि – Vrddhi – Haani Increasing & decreasing (pertaining to clairvoyance and 6 particular virtues etc.) षटगुण हानि वृद्धि; अविभाग प्रतिच्छेदों मे वृद्धी हानि का नाम ही षटगुण हानि व्रद्धि हैं, क्षयोपशम अवधिज्ञान के भेद, वर्धमान और हियमान” जो विशुद्ध परिणामों से बढता है वह वर्धमान एवं जो संक्लेश परीणामो…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलहद्दचरिउ- बलभद्र चरित्र विायक एक ग्रंथ। Balahaddacariu- Name of a book
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलभद्र- सुमेरु संबंधी नन्दन वन में स्थित एक प्रधान कूट व उसका स्वामी दव, सनत्कुमार स्वर्ग का 6ठां पअल व इन्द्रक, नारायण के बड़े भाई बलभद्र कहते है। Balabhadra- Name of a main summit and its ruling deity situated in nandan forest of Sumeru mountain name of the 6th patal (layer) & indra
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बारह- 12; 12 अंग रुप श्रुतज्ञान, 12 अनुप्रेक्षा आदि। Baraha- Twelve (12 part of scriptural knowledge etc)
उदीरणा मरण See – Kadalighåta (Mara¿a). देखें- कदलीघात (मरण)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
हुण्डावसर्पिणी काल- असंख्यात अवसर्विणी- उत्सर्पिणी काल की शलाकाओं के बीत जाने पर प्रसिद्ध एक हुण्डावसर्पिणी आती है उसके चिन्ह है- विकलेन्द्रिय जीवो की उत्पत्ति अधिक होती है। इस काल में कल्प वृक्षों का अन्त और कर्मभूमि का व्यापार प्रारम्भ हो जाता है चक्रवर्ती की विनयभंग 58 ही श्लाका पुरुष उत्पन्न होते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]