आपृच्छना!
आपृच्छना Obtaining permission, Asking. आतापनादि योग के ग्रहण में, आहारादि की इच्छाएं तथा अन्य ग्रामादि को जाने में नमस्कार पूर्वक पूछकर गुरु आदि के अनुसार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आपृच्छना Obtaining permission, Asking. आतापनादि योग के ग्रहण में, आहारादि की इच्छाएं तथा अन्य ग्रामादि को जाने में नमस्कार पूर्वक पूछकर गुरु आदि के अनुसार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दामनंदि Disciple of Sarvachandra and spiritual teacher of Veernandi. ई. 943-973 में सर्वचन्द्र के शिष्य और वीरनन्दि के गुरू थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिमुख Ruling demigod of Lord Sambhavnath. संभवनाथ भगवान का शासन यक्ष। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दशांग भोग 10 types of enjoyments related to food, sleeping etc. 10 प्रकार के भोग-भजन, भोजन, शयया, सेना,यान, आसन, निधि, रत्न, नगर और नाट्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इंद्रिय अवाय Sensory judgement. इन्द्रियों के द्वारा विशेष चिन्हों को देखकर पदार्थ का निर्णय कर लेना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आबाधा आवली Time – lag trail (invariant trail-a period of time separating two events, especially an action and its effect related to Karmas). अचलावली उदीरणा की अपेक्षा सब कर्मों की आबाधा एक आवली प्रमाण होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दर्शनाचरण Observance of all parts of right perception. सम्यग्दर्शन के 8 अंगों का पालन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इज्या Substitute word for worshipping method. पूजा विधि का पर्यायवाची शब्द, अर्हन्त भगवान की भक्ति करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आबाधाकाल Quiescence period – matter with fruition-less Karmas. कर्मरूप होकर आया हुआ द्रव्य जब तक उदय या उदीरणा रूप न हो तब तक के काल को आबाधाकाल कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आयतन Volume, Residence, Virtues, receptacles of right perception. किसी स्थान का त्रिविमीय माप, आवासीय स्थान, सम्यग्दर्शन आदि गुणों के आधार या आश्रय को आयतन कहते हैं, सच्चे देव शास्त्र गुरू और इनके उपासक-ये 6 आयतन कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]