रूक्षाणु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षाणु – रूक्ष गुण वाला अणु। इसका दो अधिक गुण वाले विपरीत अणुओं के साथ बंध होता है। Ruksanu-Particles with having property of roughness
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षाणु – रूक्ष गुण वाला अणु। इसका दो अधिक गुण वाले विपरीत अणुओं के साथ बंध होता है। Ruksanu-Particles with having property of roughness
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकलेन्द्रिय – Sakalendriya. All five sensed beings. पंचेन्द्रिय जीव सकलेन्द्रिय कहलाता है अर्थात् जिसके पांचो इन्द्रिय है “
चरम फालि The last resultant mixing of Karmic molecules. कर्मों की स्थिति घटाकर कर्म परमाणुओं को जो अंतसमय नीचे के निषेकों में मिलाया जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुरा – Madhura. Another name of city Madura. दक्षिण द्रविड़ देश में वर्तमान मदुरा नगर “
दीर्घदर्शी One foresighted, discerning or learned. दूरदर्शी दूर तक की बात सोचने वाला।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चंद्रबाहु A Tirthankar (Jaina-Lord) of Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र के एक तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मथुरा – Mathura. A famous city in the north state of Bharat (India), The salvation place of last omniscient Jambuswami. भरत क्षेत्र का एक नगर ” भारत के वर्तमान उत्तर प्रदेश का एक प्रसिद्ध नगर, पांडवो द्वारा बसायी गयी भरत क्षेत्र की एक नगरी ” अंतिम केवली जम्बूस्वामी की निर्वाण भूमि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायिक – रस आसव आदि में उत्पन्न होने वाले जीव। Rasayika-Micro beings taking birth in impure liquids
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिभद्र (देव) – Manibhadra (Dev). A deity of Yaksha lineage. पांच क्षेत्र पालों में एक , यक्ष जाति के व्यंतर देवों का एक भेद “