निरवयव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरवयव – Niravayava. Indivisible. जिसके अवयव न किये जा सके “
चक्राभिषेक क्रिया An auspicious and sacred act (reg. anointment of Chakri) after conquering the world . गर्भान्वय की एक क्रिया , दिग्विजि पूर्ण कर नगर में प्रवेश करते समय चाकरी का अभिषेक करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकाग्र –Lokaagra: The supreme place of salvation (Siddha shila) . मोक्ष ,सिद्धालय या लोक का शिखर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरंश – Niransha. Non – divisible particles. अवयव रहित: अखंड परमाणु, द्रव्यार्थिक नय से परमाणु में निरंशपना होता है “
चन्द्रद्रह Name of a Drah (large pond or lake). उत्तरकुरु के दस द्रहों में से दो का नाम चंद्र है, ताला; नील पर्वत से साढ़े पांच सौ योजन दूर नदी के मध्य में स्थित है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकबाधित – Lokabaadhit.: A fallacy of universal obstruction . बाधित हेत्वाभास का एक भेद ;जिस हेतु के साध्य में लोक से बाधा आती है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परिपुष्ट: Stout, strong well-nourished. पुष्ट, दृढ, स्थूल शरीर वाला “
गृहक्षोभ Name of a dominion (Varsha Ritu Nivas) of Chakravarti (emperor). गृहस्थी से उत्पन्न संक्लेश, राक्षस वंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमागधी – Sumaagadhee. Name of a river of eastem middle Arya Khand (region). पूर्वी मध्य आर्य खण्ड की एक नदी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारिग्राहिकी क्रिया – Parigrahiki Kriya. Activity causing constant attachment to worldly objects. सम्परायिक आस्त्रव की २५ क्रियाओं में एक क्रिया; यह परिग्रह में प्रवृत्ति कराने वाली होती है “