उपभोगपरिभोग!
उपभोगपरिभोग Consumption, Enjoyment . वस्त्र आभूषण आदि बराबर भोगने वाली वस्तु को उपभोग एंव खान-पान आदि एक बार भोगने वाली वस्तु को परिभोग(भोग) कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपभोगपरिभोग Consumption, Enjoyment . वस्त्र आभूषण आदि बराबर भोगने वाली वस्तु को उपभोग एंव खान-पान आदि एक बार भोगने वाली वस्तु को परिभोग(भोग) कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावकाचार – Shraavakaachaara. Conduct of householders or lay followers. एकदेश चारित्र; 5 अणुव्रत, 3 गुणव्रत, 4 शिक्षाव्रत का पालन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रवण – Shravana. Name of the 80th planet and the 21st lunar. 88 ग्रहों में 80वां गृह, 28 नक्षत्रों में 21वां नक्षत्र जो मृंदगाकार है ” तीर्थंकर श्रेयांसनाथ व मुनिसुव्रतनाथ इसी नक्षत्र में जन्मे थे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शौर्यपुर – Shauryapura. Another name of Shauripur (Shauripura). शौरीपुर का अपरानाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशस्त राग- देव शास्त्र गुरु के प्रति भक्तिरूपी राग प्रषस्त राग है। Prasasta raga- Devotion in the prayer of Lord, guru etc
उपघात नामकर्म प्रकृति A type of karmic nature (reg. harming self). जिस कर्म के उदय से अपने अंगों से अपना घात हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव आस्त्रव – Bhava Asrava. Emotions with passion etc. which cause flow of Karmas – are called Bhava Asrava. आत्मा के रागादि भाव जिनसे कर्म आते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रविचार- मैथुन के उपसेवन को प्रविचार कहते है। Pravicara- Sexual enjoyment