भोज्यशूद्र!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोज्यशूद्र:A lower division of people of society. कारू शूद्र का एक भेद “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोज्यशूद्र:A lower division of people of society. कारू शूद्र का एक भेद “
उदय त्रिभंगी Rising tricombination (reg. Karmas). उदय व्युंच्छित्ति उदय और अनुदय को उदय त्रिभंगी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणनिमित्तक नाम The names like krishna, Mahavira etc. which are pronounced to express virtues. ऐसे नाम जो गुणों के निमित्त से व्यव हार में आते हैं, जैसे कृष्ण, महावीर आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगांतराय कर्म:Obstructive Karma in the way of worldly enjoyments. अंतराय कर्म का एक भेद; जिस कर्म के उदय से जीव भोगने की इच्छा करता हुआ भी नहीं भोग पाता “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीनकेतु–Meenketu. Another name for Kamdev those having most lustrous & attractive body. कामदेव”
ग्रहाङ्ग A type of wish fulfilling trees (Kalpavrikshas). कल्पवृक्षों का एक भेद; जो आवश्यकतानुसार राजमहल , सभाग्रह आदि देते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मानस्तम्भ–Maanstambh. Free standing pillar or sacred monument pillar crowned with idols of Lord Jinendra. तीर्थंकरो के समवशरण में प्रवेश करने से पहले चारो दिशाओ में तीर्थंकर के शरीर की उचाई से 12 गुणे ऊचे जिनप्रतिमाओ से समन्वित स्वर्णिम स्तंभ के आकार की रचना” दूर से ही इनके दर्शन मात्र से मिथ्याद्रष्टि जीव अभिमान…
”गिरिदारिणी” A divine power possessed by ‘Ravan’. रावण को प्राप्त एक विद्या ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्विज Those twice-born (first by womb and another by sacraments). एक बार गर्भ से तत्पश्चात संस्कारों से (जिसमे तपश्चरण और शास्त्राभास संस्कारित किया जाता है) जन्म लेने वाले द्विज कहलाते हैं। वर्तमान में विशेष रूप से ब्राह्मण जाति के लिए प्रचलित शब्द। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गिरिकूट A mountain of Bharat kshetra ( a region) near Eravati river. ऐरावत नदी के पास स्थित भरत क्षेत्र का एक पर्वत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]