आर्यासूत्र!
आर्यासूत्र The Sutras in Aryachhand of Kashay Pahud. आर्या छन्द में निषद्ध कषाय पाहुड़ के गाथा सूत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आर्यासूत्र The Sutras in Aryachhand of Kashay Pahud. आर्या छन्द में निषद्ध कषाय पाहुड़ के गाथा सूत्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाण भूमि – Nirvaana Bhumi. Holy place of salvation. सिद्धक्षेत्र; जहाँ से तीर्थंकर व सामान्य केवली मोक्ष गए हों” जैसे – कैलाशपर्वत, सम्मेदशिखर जी, चम्पापुर, गिरनार, पावापुरी इत्यादी “
टंडाता गीत Name of a book related to true philosophy of life. संसार दुख दर्शन विषयक एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
आयोपायदर्शी An Acharya who gets the faults admitted by Kshapak (one wishing holy death). क्षपक के दोषों को निकलवाने के गुण सहित निर्यापकाचार्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धिकुट – Buddhikuta. Name of a summit on Rukmi mountain. रुकिम पर्वत स्तिथ एक कूट “
तत्वरूचि Reverence with interest for tattvas. सम्यग्दर्शन तत्व श्रद्धान या ततवों के प्रति रूचि होना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्लोभ – Nirlobha. Greedless. शौच धर्म; चारों prप्रकार kके लोभ से रहित होना “
उद्योत Cold effulgence, Radiance, Lustre. चन्द्रमा मणि (चन्द्रकांत मणि) जुगनू आदि के निमित्त से जो प्रकाश पैदा होता है। उसे उद्योत कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहारपर्याप्ति नामकर्म Complete development of body after trans-migration. आहार वर्गणा के परमाणुओं को खल व रसभाग रूप परिणामावने के कारणभूत जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्रत्यय – Bahya Pratyaya. External causes for passions. क्रोधादि रूप भाव कषाय कि उत्पति के कारण भूत जो जीव और अजीव रूप बाह्य द्रव्य है वह बाह्य प्रत्यय हैं “