यथाकाल उदय!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाकाल उदय–Yathakala udaya Fruition of karmic nature on maturity. स्तिथिपूर्ण होने पर समय पर कर्मो का उदय में आना “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाकाल उदय–Yathakala udaya Fruition of karmic nature on maturity. स्तिथिपूर्ण होने पर समय पर कर्मो का उदय में आना “
देवचंद्र Name of the disciple of ‘Maghnandi Kolhapuriya’. ई. 1133-1163 में माघनन्दि कोल्हापुरीय के शिष्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ऐहिक फलानपेक्षा Quality of selfless donation. दाता का पहला गुण-दान देने पर लौकिक फल की इच्छा न करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा पर्याप्ति काल – Bhasha Paryaptikala. Period of vocal completion. भाषा पर्याप्ति पूर्ण होने पर जितने समय तक मन पर्याप्ति पूर्ण न हो तब तक भाषा पर्याप्ति काल कहलाता है “
एकांग One organ activity (reverence with bending the head only). नमस्कार का प्रकार (केवल सिर झुकाना एकांग नमस्कार है)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
दृश्यमान द्रव्य Visible objects. वर्तमान समय में दिखाई देने वाला द्रव्य किसी भी स्पर्धक या कृष्टि आदि में पर्व का द्रव्य या निषेक या वर्गणाएँ तथा नया मिलाया गया द्रव्य दोनों मिलकर दृश्यमान द्रव्य होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
एकादश अंगधर Jain Acharyas possessing knowledge of 11 Angas. 11 अंगधारी 5 आचार्य- नक्षत्र, यशपाल, पाण्डु, ध्रुवसेन, कंस।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दृढ़रथ Name of a king of Yadu dynasty. यदु (यादव) वंश का एक राजा का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]