भेदवाद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदवाद:Principle of analysing something with its different properties. वस्तु को गुण, पर्याय, लक्षण आदि की अपेक्षा ग्रहण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदवाद:Principle of analysing something with its different properties. वस्तु को गुण, पर्याय, लक्षण आदि की अपेक्षा ग्रहण करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावासन्न – Bhavasanna. Impure saint. जो साधु चारित्र से भ्रष्ट होकर सिध्द मार्ग की अनुयायी क्रियाएं करता है तथा असंयत जनों की सेवा करता है”
दश विकार Ten types of lustful sensual desires of human being. काम के वेग चिंता, स्त्री को देखने की इच्छा , दीर्घनिःश्वास, ज्वर, शरीर का दग्ध होना, भोजन न रूचना , मूर्छा की गोचरी आदि वृत्तियों का वर्णन किया गया है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भूमिस्पर्श:A type of fault related to saint food (touching the land by hands).साधु का आहार संबंधी एक अन्तराय; हाथसेभूमि को छूना।
ऐश्वर्य मद Puff or pride of prosperity. 8 मदों में एक मद, धन सम्पत्ति आदि का घमंड।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमिसंस्तर – Bhumisamstara. A suitable land base related to the Samadhi of a Jaina saint. संस्तर के ४ भेदों में एक भेद; जो जमीन मुदु नहीं है, जो छिद्र रहित, प्राणी रहित, प्रकाश युक्त, हो एवं क्षपक के देहप्रमाण और गुप्त हो “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव – Bhava. World, Body form, Name of the predestined 6th Rudra. आयुनामकर्म के उदय से जीव की जो मनुष्यादि पर्याय होती है उसे भव कहते हैं, भविष्यकालीन छठे रूद्र का नाम “
एकप्रदेशी Matter having single space-point. काल द्रव्य एकाप्रदेशी कहलाता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयोपसंयत – Vinayopasamyata. Reverential & respectful welcome (of saints rtc.). अन्य संघ से आये हुए मुनियों को आसनदान, प्रियवचन, पुस्तक आदि दान करके आदर करना “