निर्विकृति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकृति – Nirvikriti. Tasteless substance like buttermilk etc. जिस आहार को परस्पर मिलाने से विशेष स्वाद उत्पन्न होता है उसे विकृति कहते है, विकृति से रहित छाछ आदि को निर्विकृति कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्विकृति – Nirvikriti. Tasteless substance like buttermilk etc. जिस आहार को परस्पर मिलाने से विशेष स्वाद उत्पन्न होता है उसे विकृति कहते है, विकृति से रहित छाछ आदि को निर्विकृति कहते है “
आर्हन्त्य क्रिया An auspicious and sacred activity. कत्र्रन्वय की क्रियाओं में छठी क्रिया-केवलज्ञान होने पर देवों द्वारा की जाने वाली अर्हंतों की पूजा आदि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्ध – Buddha. Buddha, the founder of Buddha religion, An- other name of enlightened or awakened soul. १) बौध्द धर्म के संस्थापक महात्मा बुध्द , २) शुध्द आत्मा का अपरनाम “
आयुधशाला Armoury, Arsenal. चक्रवर्ती के अस्त्र , शस्त्र इत्यादि रखने का स्थान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीज सम्यग्दर्शन – Bija Samyagdarsana. Right perception perceptible by Bijapad. बिजपदों के द्वारा ज्ञान प्राप्त करने वाले भव्यजीव के जो दर्शनमोहनीय के असाधारण उपशम वश तत्त्वश्रध्दान होता है उसे बीज सम्यग्दर्शन कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघुशंका – मूत्रोत्सर्ग, लघु व दीर्घ षंका जाने के बाद प्रायष्चित के रूप 25 उच्छ्वास का कायोत्सर्ग किया जाता है। Laghusamka-Urination
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीजसम्यक्तवार्य – Bijasamyaktvarya. See – Bijadarsanarya. देखें – बीजदर्शनार्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रइधू – पउम चरिउ, जसहर चरिउ, धण्णकुमार चरिउ, दष लक्षण धर्म, दस स्तुतियां आदि के रचियता एक अपभ्रंष कवि। समय – वि 1457 – 1536, दस लक्षण धर्म दस स्तुतियां। Raidhu-Name of an Apabhransh Jainapoet