सामान्य नय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य नय – Saamaanya Naya. General standpoint or attitude. सामान्य विचारधारा, नय के 42 भेदों में एक भेद । आत्मद्रव्य सामान्य नय से हार-माला-कण्ठी के डोरी की भांति व्यापक है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य नय – Saamaanya Naya. General standpoint or attitude. सामान्य विचारधारा, नय के 42 भेदों में एक भेद । आत्मद्रव्य सामान्य नय से हार-माला-कण्ठी के डोरी की भांति व्यापक है।
एक-अजीव कर्म Karmas related to non soul matters. द्रव्य कर्म- कार्मण स्कंधों की अवस्था अजीव कर्म है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य ज्ञान – Saamaanya Gyaaana. General knowledge. द्रव्य सामान्य मात्र को ग्रहण करने वाला ज्ञान ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सानत्कुमार – Saanatkumaara. See-Sanatkumaara. देखें -सनत्कुमार ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेष्ठी (कवि):A poet who wrote the book ‘Vagarthasangraha’.वागर्थसंग्रह पुराण की रचना करने वाले एक कवि ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमुख उदय:Annihilation of Karmic nature (in transformed form)।जो कर्म प्रकृति अन्य प्रकृति रूप होकर उदय में आती है। जैसे -नरकगति, देवगति, वैक्रियिक शरीर आदि कर्म प्रकृतियाॅं ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधर्म्य उदाहरण – Saadharmya Udaaharana. Smoke showing existence of fire, an example of means with its relative objects. जो जो धूमवाला है वह वह अग्नि वाला है जैसे -रसोईघर ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सातिशय मिथ्यादृष्टि – Saatisaya Mithyaadrsti. Wrong believers who are going to attain right belief. प्रथमोपशम सम्यक्तव के अभिमुख जीव सातिशय मिथ्यादृष्टि कहलाते है।
उत्कृष्ट क्षायिकलब्धि Achievement of omniscience by destruction of karmas. केवलज्ञान की प्राप्ति जिसमें उत्कृष्ट संख्या अविभाग प्रतिच्छेदों की होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]