पद्मगुल्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मगुल्मा: Name of a garden in the forest of Sumeru mountain. स्ुामेरू पर्वत के बनों की एक पुष्करिणी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मगुल्मा: Name of a garden in the forest of Sumeru mountain. स्ुामेरू पर्वत के बनों की एक पुष्करिणी ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृषगिरी –Vrsabhagiri. Name of a particular mountain of Jambudvip where all Chakravartis write their name after getting great victory over Shatkhand (all 6 divisions of Bharat Kshetra) वृषभाचल ; जहाँ सभी चक्रवर्ती षटखंड विजय के पश्चात काकिणी रत्न से अपना नाम लिखते हैं “
आशातना Destroying of disrespectful conduct. कुचारित्र का क्षपण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्माल्य द्रव्य – Nirmaalya Dravya. The worshipping articales made offered to the Lord. जो अष्टद्रव्य सामग्री मंत्र बोलकर जिनेन्द्रादि की पूजा में चढ़ा दी जाये “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरनंदि –Virananndi Name of aAcharya of Nandi group. नंदीसंघ देशीयगण के एक आचर्य, आचारसार आदि ग्रंथो के कर्ता “
आहारपर्याप्ति Food offering with devotion to saints. एक शरीर को छोड़कर दूसरे नवीन शरीर के बिना कारणभूत जिन नोकर्म वर्गणाओं को जीव ग्रहण करता है उनको खलरसभाग परिणमाने की प्र्याप्त नामकर्म के उदय से रहित जीव की शक्ति का पूर्ण हो जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निनार्मिक – Ninaarmika. The so of king Gangdev who took birth later as the 9th Narayana ‘Krishna’. राजा गंगदेव का जिसने मुनि बन तपस्या की और अगले भाव में ‘कृष्ण’ नामक नवां नारायण हुआ “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदगोष्ठी : Grammatical discussion. वैयाकरणों के साथ व्याकरण संबंधी चर्चा।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैनयिकॠध्दि –VainayikiRddhi A type of supernatural power obtained through superme reverence for scriptures. प्रज्ञाश्रमण ॠध्दि के ४ भेदों में एक भेद, द्वदशांग श्रुत की योग्य विनय करने से उत्पन्न होने वाली ॠध्दि “
आहारक शरीर नामकर्म प्रकृति Chief and secondary parts of Aharak Sharir. वह नामकर्म प्रकृति जिससे आहारक शरीर बनता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]