दशवर्षसहस्त्र!
दशवर्षसहस्त्र A time period of 10 thousand years. दस हजार वर्षों का काल समय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दशवर्षसहस्त्र A time period of 10 thousand years. दस हजार वर्षों का काल समय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहानवस्था विरोध – Sahaanvasthaa Virodha. Mutual opposition in the different states of a matter. विरोध के तीन भेदों में एक भेद । यह विरोध एक वस्तु की क्रम से होने वाली दो प्र्यायों में होता है। नयी पर्याय उत्पन्न होती है तो पूर्व पर्याय नष्ट हो जाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रबंधनकाल- बंधते अर्थात एकत्व को प्राप्त होते हैं जिसमें उसे प्रबंधन कहते हैं प्रबंधन प्रबन्णन रुप जो काल है ह प्रबन्णनकाल कहलाता है। prabamdhanakala – period of organisation (organising)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचनसार टीका- प्रवचनसार ग्रंथ पर 1. आचार्य अमृतचन्द्र (ई. 905-955) कृत एक संस्कृत टीका “तवप्रदीपिका”, 2. आचार्य जयसेन ( ई. 11-12 अथवा 12-13) कृत “तात्पर्यवृŸिा” संस्कृत टीका। PravacanasaraTika- A commentary book on ‘Pravachanasar’ written by acharyaAmritchandra
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष – Vishesha. Special, Peculiar, Particular, Distinctive. समान भाव को सामान्य और उससे अन्य अर्थात् विसमान भाव को विशेष कहते हैं ” व्याव्रती अर्थात् भेद की बुध्दी उत्पन्न करने वाला विशेष हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पदक्षिणा वर्त- बाई ओर से दांई ओर घूमना, श्रद्धापूर्ण अभिवादन जो इस प्रका प्रदक्षिण द्वारा किया जाये। pradaksina varta – taking round of circumambulation.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमोद- मुख की प्रसन्नता आदि के द्वारा भीतर की भक्ति और अनुराग का व्यक्तहोना। यतियों के गुधें का विखर करके उनके गुधें में हर्श मानना यह प्रमोद भावना का लक्षण है। Pramoda- Joy, pleasure, delight
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक बोधित- देखें- प्रत्येक बुद्ध। pratyeka bodhita – see (pratyeka buddha)