जिनालय वंदना!
जिनालय वंदना Paying reverence to natural and man made temples (place of pilgrimages). अकृत्रिम-कृत्रिम चैत्यालयों की वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जिनालय वंदना Paying reverence to natural and man made temples (place of pilgrimages). अकृत्रिम-कृत्रिम चैत्यालयों की वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वनिंदा – Svanimmdaa. Self-criticism.आत्म निंदा। उच्च गोत्र के आस्रव का एक कारण।
जयचंद छाबड़ा A great personality who wrote commentaries on many books like ‘Prameyratnamala’ etc. एक विद वान जिन्होंने सर्वार्थसिद्धि (वि. १८६१) , प्रमेयरत्नमाला (वि. १८६३) , द्रव्य संग्रह (वि. १८६३) आदि ग्रंथों पर वचनिकाएं लिखीं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वच्छंद श्रोता – Svacchammda Ssrotaa. Unworthy or restraintless listeners.कुपात्र श्रोता। स्वच्छंद श्रोताओ को विधा देना संसार और भय को ही बढ़ाने वाला है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेहेसरचरीउ–Mehesrachriu. Name of a book. सुलोचनाचारित्र विषयक अपभ्रंश भाषा का एक ग्रंथ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादसिद्वि – Syaadvaadasiddhi. Name of a treatise written by Acharya Vadibhisingh. आचार्य वादीभसिह (ई0 1103) द्वारा रचित संस्कृत भाषाबद्व न्याय विषयक ग्रन्थ।
उत्तरकुरू Best enjoying land in Videh Kshetra (a region). विदेह क्षेत्र में स्थित एक क्षेत्र जहाँ उत्तम भोगभूमि होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जन्मरहितता Immortality, a virtue of Siddhas (super beings). सिद्धों का एक गुण जो आयुकर्म नष्ट होने पर प्रगट होता है -अवगाहनत्व या जन्म-,अरण रहितता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादमूर्त – Syaadamuurta. Non-physical nature (in some aspect).परमभाव ग्राहक द्रव्यार्थिक नय की अपेक्षा पुद्गल के अतिरिक्त जीव, धर्म, अधर्म, आकाश और काल द्रव्य कथंचित् अमूर्तस्वभाव वाले है।
उत्तमा Name of a female deity. यक्ष जाति के व्यंतरों के इन्द्र पूर्णभद्र की मुख्य देवी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]