विवेक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवेक – Viveka. Prudence, Conscience, Judgement, Discretion. जिसमें राग हो ऐसे अन्न-पान आदि का त्याग करना दोषोंत्पाद्क द्रव्यादिकों का मन से अनादर करना, भले-बुरे का ज्ञान “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवेक – Viveka. Prudence, Conscience, Judgement, Discretion. जिसमें राग हो ऐसे अन्न-पान आदि का त्याग करना दोषोंत्पाद्क द्रव्यादिकों का मन से अनादर करना, भले-बुरे का ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्ष – Saapeksa. Relative, comparative. परस्पर निर्भर, अपेक्षा या विवक्षा ।
ऋद्धिमद Pride of possessing supernatural power. ऋद्धि प्राप्त होने पर गर्व करना या दूसरे साधुओं की अपेक्षा अपना बड़प्पन मानना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पन्नग:A type of super knowledge, A type of deities of Nagkumar kind. एक प्रकार की विद्या, नागकुमार जाति के देव।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वीतरागी : == कामानुगृद्धिप्रभवं खलु दु:खं, सर्वस्व लोकस्य सदेवकस्य। यत् कायिकं मानसिकं च किंचित् , तस्यान्तकं गच्छति वीतराग:।। —समणसुत्त : ७६ सब जीवों का, और तो क्या देवताओं का भी जो कुछ कायिक और मानसिक दु:ख है, वह काम—भोगों की सतत अभिलाषा से उत्पन्न होता है। वीतरागी उस…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेष्ठी प्रकाशसार – Name of a book.एक ग्रंथ का नाम ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मुक्ति-मार्ग : == सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्ग:। —तत्त्वार्थ सूत्र : १-१ सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र—यही मोक्ष का मार्ग है।
ऋषिपंचमी वृत्र A famous Jain vow. कुल 65 उपवास 5 वर्ष 5 महा तक आषाढ़ शुक्ल 5 से प्रारम्भ करके प्रतिमास 2-2 पंचमियों को उपवास करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रहत्कथाकोष – Brhatkathakosa. Name of a religions story written by Acharya Harishen. आचार्य हरिषेण (ई. सन् ९३१ ) कृत मूल संस्क्रत ग्रंथ इसमें १५७ विभिन्न कथाएं हैं “