प्रायोग्यानुपूर्वी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोग्यानुपूर्वी- आनुपूर्वी; विग्रहगति में आत्म प्रदेषों का पूर्वषरीराकार बने रहना। Prayogyanupurvi- Existence of soul in transmigratory motion in the same shape as in the previous left body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोग्यानुपूर्वी- आनुपूर्वी; विग्रहगति में आत्म प्रदेषों का पूर्वषरीराकार बने रहना। Prayogyanupurvi- Existence of soul in transmigratory motion in the same shape as in the previous left body
उद्योत Cold effulgence, Radiance, Lustre. चन्द्रमा मणि (चन्द्रकांत मणि) जुगनू आदि के निमित्त से जो प्रकाश पैदा होता है। उसे उद्योत कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्द्रनखा Preceptor of Bhagvati Aradhanakar Shivarya, Preceptor of Kumarnandi. रत्नश्रवा की पुत्री और रावण की बहन जिसने रावण की मृत्यु पर दीक्षा धारण की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रातिहार्य- आषेक वृक्ष, तीन छत्र, रत्नमय सिंहासन, दिव्यध्वनि, दुन्दुभिनाद, पुश्पवृश्टि, प्रभामण्डल, चैंसठ चमरयुक्तता ये अरिहंत भगवान के 8 प्रातिहार्य कहलाते हैं। Pratiharya- Eight auspicious emblems of lord Arhant
गोत्र Race, Clan, An exogamous subdivision of a caste. संतानक्रम से चला आया आचरण जो उच्च और नीच कहा जाता है या उच्च-नीच कुल में उत्पन्न होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणत (देव)- कल्पवासी देवों का एक भेद। Pranata (Deva)- A type of heavenly deities
आनंदवती Name of the queen – the wife of 7th Narayan ‘Datta’. सातवें नारायण दत्त की वर्तमान भव की पटरानी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ट The eleventh consonant of the Devanagari syllabary.देवनागरी लिपि का ग्यारहवाँ व्यंजन अक्षर, इसका उच्चारण स्थान मूर्धा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहिस्तत्त्व- तत्त्व का एक भेद; तत्त्व बहिस्तत्त्व और अन्तस्तत्त्वरुप परमात्मा तत्त्व ऐसे भेदों वाले होते है। Bahistattva- The external element
आनंद पाहुड़ Literature devoid of spiritual knowledge. राग-द्वेष रहित जिन भगवान द्वारा निर्दिष्ट निर्दोष आचार्य परम्परा से प्राप्त 12 अंगों के वचनों का समुदाय अथवा उनका एकदेश परमानंद दो ग्रन्थिक पाहुड़ है उसके अतिरिक्त शेष जिनागम आनन्द पाहुड़ है। (कषाय पाहुड़ से)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]