सर्वज्ञदेव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञदेव – Sarvagyadeva. Omniscience (Lord Arihant, Siddha). केवली आप्; जो त्रिकालवर्ती गुण पर्यायो से संयुक्त समस्त लोक और अलोक को प्रत्यक्ष जानते है वह सर्वज्ञदेव है अर्थात् अर्हत व सिद्व।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वज्ञदेव – Sarvagyadeva. Omniscience (Lord Arihant, Siddha). केवली आप्; जो त्रिकालवर्ती गुण पर्यायो से संयुक्त समस्त लोक और अलोक को प्रत्यक्ष जानते है वह सर्वज्ञदेव है अर्थात् अर्हत व सिद्व।
देश चारित्र A conduct of householder at the 5th stage of spiritual development. विकल चारित्र, श्रावक का पांचवे गुणस्थान का आवरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चूर्णिका Pounded rice or grain. भेद का एक प्रकार ; उड़द मूंग आदि का जो खंड किया जाता ह.ई , वह चूर्णिका है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सरीसृप – Sareesripa. A reptile, crawing beings. पानी मे रहने वाला एक प्रकार का सर्पः एक तिर्यच जीव। इसकी उत्कृष आयु 9 पूर्वाग की है एवं जघन्य आयु अन्तर्मुहूर्त की है।
तोता Parrot, Shap of the Viman of ‘Shukra’ Indra. एक पक्षी, शुक्र इन्द्र के विमान का आकार जिस पर बैठकर इन्द्र नंदीश्वर द्वीप की वंन्दना को जाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सयोगकेवली – Sayogakevalee. An omniscient possessing physical presence. सशरीरी परमात्मा। 13 वें गुणस्थान मे अरहंत परमात्मा जो अनंत चतुष्टय सहित परमौदारिक देह सहित है, जिनका उपदेष व विहार होता है।
चामत्कारिक Astonishing, Amazing, Surprising. आश्र्चर्य या अतिशयकारी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पृष्ठता – Spastataa. Clearness, Unambiguity, Obviousness.निर्मलता, विशदता, स्पष्टता एकार्थवाची है।