पर संग्रह नय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर संग्रह नय :A standpoint of knowing supreme authority only.स्ंग्रहनय का एक भेद,जो महासत्ता मात्र को ग्रहण करता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर संग्रह नय :A standpoint of knowing supreme authority only.स्ंग्रहनय का एक भेद,जो महासत्ता मात्र को ग्रहण करता है।
दुःखदायक Pain causing activities. दुःख देने वाली भावना, कार्य आदि जैसे हिंसादि पांच पाप इस लोक और परलोक में दुख देने वाले हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिव्य मनुष्य Some Jaina great personalities. देवपूजित शलाका पुरूष, कामदेव और विद्याधर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शयन तप – Shayan Tapa. A kind of austerity (related to sleeping posture). कायक्लेश तप का एक भेद, इसके भी लगड़शय्या, अवाक्शय्या, शवशय्या, एकपाशर्वशय्या, अभ्रावकाशशय्या, ये 6 भेद हैं”
आभोग Conducting ritual activities with wrong intention. पूजा महत्व आदि की अभिलाषा से कापोत लेश्यायुक्त भावों द्वारा अति प्रकट अनुष्ठान करना अर्थात् गलत कार्रू करना आभोग है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रप्रस्थ Name of a city (present Delhi). प्रवास से लौटने पर युधिष्ठिर द्वारा बनाये गये नगर का नाम, यह कुरूक्षेत्र के पास है इसलिये वर्तमान देहली की इन्द्रप्रस्थ है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परमौदारिक शरीर:Body of Lord Arihant with absolute purity.अहंत परमात्मा का शरीर जिसमें निगोदिया जीव नहीं रहते ,धातु उपधातु सब शुद्व हो जाती है।
दशस्थिति कल्प Characteristics of 10 basic restraints of saints. व्यवहार चारित्रधारी साधु के 10 स्थितिकल्प अचेलकत्व, उद्दिष्ट भोजन त्याग, वसतिका बनवाने का त्याग, राजपिंड का त्याग, कृतिकर्म, पत्र को ही व्रत देना, विनय, प्रतिक्रमण, मासैकवासता, चातुर्मास करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दश धर्मध्यान Ten types of religious observances. अपाय विचय, उपाय विचय, विपाकविचय, विराग विचय, लोक विचय, भवविचय, जीव विचय, आज्ञा विचय , संस्थान विचय और संसार विचय ये 10 धर्मध्यान है (प्रतिक्रमण ग्रन्थत्रयी से)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
एकचर्या A vow for saints, solitary walking. मुनियों का एक व्रत, एकाकी विहार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]