निर्वृत्ति मार्ग!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति मार्ग – Nirvrtti Marga. Path of salvation. त्याग मार्ग,मुनि व त्यागी होने की तरफ चलना (महाव्रतों को धारण करना) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वृत्ति मार्ग – Nirvrtti Marga. Path of salvation. त्याग मार्ग,मुनि व त्यागी होने की तरफ चलना (महाव्रतों को धारण करना) “
दत्ति कर्म Some religious duties of householders. गृहस्थों का कर्तव्य । चार तरह का दान देना। पात्रों को भक्ति से एंव दुखियों को दया से। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मानी : == योऽपमानकरणं दोषं, परिहरति नित्यमायुक्त:। सो नाम भवति मानी, न गुणत्यक्तेन मानेन।। —समणसुत्त : ८९ जो दूसरे को अपमानित करने के दोष का सदा सावधानीपूर्वक परिहार करता है, वही यथार्थ में मानी है। गुणशल्य अभिमान करने से कोई मानी नहीं होता।
फाहियान Name of a Chinese tourist who came to India and reside for the period of 402-405 AD. एक चीनी यात्री जो ई. 402 में भारत आया एंव 405 तक भारत में रहा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्ताशक्ति मौद्रा–Muktashakti Vrat. A posture with joined hands placed together and raised to pay reverence. वन्दनामुद्रावत ही खड़े होकर, दोनों कुहनियो को पेट के ऊपर रखकर, दोनों हाथो की उंगलियो को आकार विशेष द्वारा आपस में संलगन करके मुकुलित बनाना”
त्रिमूढता Three faults in right faith. सम्यग्दर्शन के 25 दोषों में 3 दोष । लोक मूढता, देवमूढता, गुरूमूढता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वाणसंपत्ति यंत्र – Nirvaanasampatti Yantra. A metallic plate engraved with auspicious mystic words. मंत्र लिखित धातु की एक प्लेट “
तत्वसमीक्षा Name of a commentary book written by Vachaspati Mishra. वेदांत साहित्य प्रवर्तक वाचस्पति मिश्र (ई. 840) की व्रह्मसिद्धि पर लिखी समीक्षा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]