कामदेव-!
कामदेव- चैबीस तीर्थंकरो के समयो में अनुपम आकृति के धारक वे बाहुबलि प्रमुख 24 कामदेव होते है। इनकी उत्पत्ति चतुर्थ काल (दुषमा-सुषमा) काल में दी होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
कामदेव- चैबीस तीर्थंकरो के समयो में अनुपम आकृति के धारक वे बाहुबलि प्रमुख 24 कामदेव होते है। इनकी उत्पत्ति चतुर्थ काल (दुषमा-सुषमा) काल में दी होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मश्री: Name of the female divinity of Chamarendra, Name of a special honour which is presented b Indian Government to great citizens. चमर इन्द्र की अग्रदेवी , भारत सरकार के द्वारा विशिष्ट लोगों को प्रदान की जाने वाली एक उपाधि ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव प्रासुक आहार – Bhava Prasuka Ahara. A kind of thinking related to ownness of food. ऐसा आहार, ‘यह भोजन मेरे लिए है; ऐसा चिन्तन न किया जाये (जिसमें से एकेन्दीय जीव निकल गये हैं वह द्रव्य –प्रासु –आहार कहलाता है) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघातन कृति – Sanghaatana Kriti. Assimilation of molecules of body. पांचो शरीरों में से विवक्षित शरीर के परमाणुओं का निर्जरा के बिना जो संचय होता है उसे संघातन कृति कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाधारहित- सुख; दु:ख तकलीफ आदि का न होना। रुकावअ से रहित होना। Badharahita- Obstacle free, free from hinderences
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मप्रभ मलधारी देव: Disciple ofamsar and wirter of Parshvanath stotra, etc. वीरनन्दि के शिष्य (ई0 श0 1140-1185), नियमसार टीका व पाश्र्रनाथ स्तोत्र के रचयिता । उनकी नियमसार टीका का हिन्दी अनुवाद गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी ने किया है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावागार – Bhavagara. Psychical attachment of something. चारित्र मोहनीय का उदय होने पर जो परिणाम घर से निवृत नहीं है वह भावागार कहा जाता है “
अयोग A time unit. आत्मा के प्रदेशों का सकंप न होना-कर्म-नोकर्म आकर्षण के लिए जीव कीय ओग्य शक्ति का न चलना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मगंधा: Name of the chief female divinity of soudharma etc. indras सौधर्मादि इंद्रों की एक महत्तर देवी का नाम ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदना –Vedana Experiencing pain or trouble. दुख अथवा कष्ट की अनुभूति या अनुभव का नाम वेदना है “