परस्पर परिहार विरोध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्पर परिहार विरोध :Mutual repelling of Virtues for knowing their existence.गुणों का एक दूसरे के साथ परिहार करके उनका अस्तित्व मानना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्पर परिहार विरोध :Mutual repelling of Virtues for knowing their existence.गुणों का एक दूसरे के साथ परिहार करके उनका अस्तित्व मानना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवृत्त – Sanvrtta. Covered, Concealed, Hidden, A type of female genital organ. जो ढका हुआ हो उसे संवृत्त कहते हैं ” या ऐसा स्थान जो देखने में न आये, योनि का एक भेद “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजगार स्थिति बंध – Bhujagara Sthiti Bamdha. Binding of durational bondage of Karma increase- ingly. जहां पहले कम स्थिति बंध होता था, आगे व्रद्धि के साथ स्थिति बंध होना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमोचितावास – Vimochitavasa. A reflection of vow of non-stealing (staying of a saint in a deserted place). अचौर्यव्रत की एक भावना; दूसरे के द्वारा छोड़े हुए स्थानों में साधु का ठहरना “
त्रिदंशजय A king of Ikshvaku dynasty. इक्ष्वाकुवंश का एक राजा । अंत में पुत्र को राज्य सौंपकर दीक्षा ली थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वितीय स्थिति Second life time. अंतरकरण या अंतर स्थितिके उपरिवर्ती सर्वस्थिति का नाम द्वितीय स्थिति है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीरत्याग – Shareeratyaaga. Renouncement related to the attachment of body. व्युत्सर्ग तप या व्युत्सर्ग प्रायश्चित (कायोत्सर्ग), नियत व अनियत काल के लिए शरीर से ममत्व बुद्धि छोड़ना “
द्वारावती Another name of Dvaraka city. श्री कृष्ण की महानगरी; इसकी रचना देवों ने की थी और द्वीपायन मुनि के क्रोध से यह भस्म हुई थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उत्पाद अनुच्छेद Something emphasizing the destructibility of a substance in the state of its existence. द्रव्यार्थिक नय के आधार से जो सद्भाव की अवस्था में ही विनाश कमो स्वीकार करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]