सहस्रायुध!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रायुध – Sahasraayudha. The son of Chakravarti (emperor) Vajrayudh. चक्रवर्ती वज्रायुध का पुत्र । मुनि पिहितास्रव से दीक्षा लेकर सन्यासमरण कर अधोग्रैवेयक में अहमिन्द्र हुआ ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रायुध – Sahasraayudha. The son of Chakravarti (emperor) Vajrayudh. चक्रवर्ती वज्रायुध का पुत्र । मुनि पिहितास्रव से दीक्षा लेकर सन्यासमरण कर अधोग्रैवेयक में अहमिन्द्र हुआ ।
द्वितीय स्थिति Second life time. अंतरकरण या अंतर स्थितिके उपरिवर्ती सर्वस्थिति का नाम द्वितीय स्थिति है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभाचंद्र- इस नाम के अनेकों आचार्य हुए है। Prabhacandra- Name of many acharyas
द्वारावती Another name of Dvaraka city. श्री कृष्ण की महानगरी; इसकी रचना देवों ने की थी और द्वीपायन मुनि के क्रोध से यह भस्म हुई थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रकीर्ति – Sahasarakeerti. Name of the preceptor of Nemichandra Bhattarak of Nandi group and a saint of Kashtha group. नंदिसंघ बलात्कारगण नागौर गद्दी के एक भट्टारक नेमिचन्द्र के गुरू, काष्ठासंघ पट्टावली के एक आचार्य त्रिभुवनकीर्ति के शिष्य ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायोपगमन मरण- समाधिमरण का उत्कृश्ट रुप; ऐसा समाधिकरण करना जिसमें न तो आप अपना इलाज करें न दूसरे से करवें प्रत्युत् ध्यान में लीन रहें। Prayapagamana Marana- Faultless voluntary great and holy death
उत्पाद अनुच्छेद Something emphasizing the destructibility of a substance in the state of its existence. द्रव्यार्थिक नय के आधार से जो सद्भाव की अवस्था में ही विनाश कमो स्वीकार करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जिनसेन- आप आ0 भीमसेन के शिष्य तथा शांति सेन के गुरु थे समय ई.श. 7 अन्न । पुन्नाह संघ की मुर्वावली के अनुसार आप श्री कीर्तिषेण के शिष्य थे। कृति- हरिवंश पुराण वीरसेन स्वामी के शिष्य बागर्भ दिगम्बर। कृतिये-अपने गुरु की 20000 श्लोक प्रमाण अधुरी जयधवला टीका को 40000 श्लोक प्रमाण अपनी टीका द्वारा पूरा…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूडबिद्री–Muudbidri. Name of a great Jain pilgrimage situated in Karnataka state. दक्षिण के कर्नाटक देश मेंस्थित एक तीर्थ, यहा रत्नबिम्ब व धवलादि ग्रंथ कनडी लिपि मै है”