धर्मोपदेशपीयूषवर्षा श्रावकाचार!
धर्मोपदेशपीयूषवर्षा श्रावकाचार Name of a book. ई. सन् 1518-28 में रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मोपदेशपीयूषवर्षा श्रावकाचार Name of a book. ई. सन् 1518-28 में रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गर्हा Confessing own faults before the spiritual teacher. गर्हण, गुरु के समक्ष अपने दोष प्रगट करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्मसेन Name of a great Acharya possessing knowledge of 11 Angas & 10 Purvas, Name of a Bhattarak. एक आचार्य ; 11 अंग 10 पूर्व के ज्ञाता 11 महामुनियों में 11 वें मुनि, भट्टारक; सप्त व्यसन चरित्र के कर्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गिरिपात Falling from a precipice (steep mountain etc.) पर्वत से गिरना, लोकमूढता;धर्मं लाभ मानकर पर्वत से गिरना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == नम्रता : == किंदि रिंता वि नमंति मग्गणत्थं धरंति जे जोयं। ताण धणूण व पुरिसाण कह णु मा होउ टंकारो।। —गाहारयण कोष : १२९ करोड़ों का धन देकर भी जो नम्र है और जो याचकों के लिए ही जीवन धारण करता है, ऐसा धनुष और पुरुष क्यों नहीं…
धर्मयुगल Religious philosophy of polytheism. अनेकांत ; प्रतिपक्ष धर्म सहित सत्ता (जैसे-नित्य-अनित्य, सत्ता-असत्ता आदि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणाधिक Super virtuous personalities (reg.right knowl- edge etc.). जो सम्यग्यानादि गुणों में बढे चढ़े हैं वे गुणाधिक हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वविद् – Poorvavid. One ominiscient, having scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुतकेवली “
धर्मनंदि A Bhattarak of Nandi group. नंन्दिसंघ बलात्कारगण के एक भट्टारक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्शन पंडित One having destructional-cum-subsidential right perception. क्षायिक , क्षायोपशमिक और औपशमिक सम्यग्दर्शन से जीव दर्शन पंडित होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]