जठराग्नि!
जठराग्नि Digestive fire, the fire of the stomach which helps in digestion of food. उदराग्नि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जठराग्नि Digestive fire, the fire of the stomach which helps in digestion of food. उदराग्नि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहधर्मिणी – Sahadharminee. The wife, hone who is married with ritual ceremony. धर्मपत्नी । वही उत्तम सहधर्मिणी है जो अपने धर्म और यष की रक्षा करती है तथा प्रेमपूर्वक अपने पतिदेव की आराधना करती है।
उत्प्रेक्षा A figure of speech, Comparison, Illustration. एक अर्थालंकार इसमें भेदज्ञानपूर्वक उपमेय में उपमान की प्रतीति होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगत्-घन Volume of universe, unit of 343 Rajus. (जगतश्रेणी)३=३४३ राजू . ३४३ घन राजू लोक का घनफल है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्सरण Progression, Increasing. उत्कर्षण स्थिति बंध बढ़ाकर एक-एक अन्तर्मुर्हूत समान बंध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षस वंष – पिद्याधरो का एक वंष, ये न देव होते हे न राक्षस। राक्षस नामक द्वीप के रक्षक होने से राक्षस कहलाये। Raksasa vansa-Name of a dynasty
जगत्सृष्टा Supreme being, the creator of the universe. जगत् को बनाने वाला अर्थात् कर्मरूपी ईश्वर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत् The same (pronoun), that thing, A stringed musical instrument. सर्वनाम पद पूर्व प्रकरण में आये हुए अर्थ का परामर्शक होता है तार से बजाये जाने वाले वीणा आदि वाद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसम्मह क्रिया – गर्भान्वय की 53 क्रियाओ में एक क्रिया, इसमे योगी तपोयोग को धारण कर षुक्ल ध्यान के द्वारा केवलज्ञान प्रकट करता है। Yoga sammaha Kriya-A type of auspicious activity (revelation of omniscience by a saint)
जघन्य ज्ञान Minimum knowledge. पर्यायज्ञान ; सूक्ष्म निगोदया लब्ध्यपर्याप्तक के सबसे जघन्य ज्ञान होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]