आप्ताज्ञा!
आप्ताज्ञा Scriptural texts, preaching of the omniscient Lord. आगम जिसके द्वारा समस्त अनंत धर्मों से सहित समस्त जीव अजीव आदि पदार्थ जाने जाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आप्ताज्ञा Scriptural texts, preaching of the omniscient Lord. आगम जिसके द्वारा समस्त अनंत धर्मों से सहित समस्त जीव अजीव आदि पदार्थ जाने जाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == व्यसन : == जूयं मज्जं मंसं वेसा पारद्धि—चोर—परयारं। दुग्गइगमणस्सेदाणि हेउभूदाणि पावाणि।। —वसुनंदीश्रावकाचार : ५९ जुआ खेलना, मदिरापान, मांसाहार, वेश्यागमन, शिकार खेलना, चोरी करना और परस्त्रीगमन करना, ये पाप की ओर तथा दुर्गति में ले जाने के कारण हुआ करते हैं।
आचारवर्द्धन व्रत A type of vow. एक प्रकार का व्रत जिसमें सौ दिन उपवास एंव उन्नीस पारणा शामिल हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीकाय – Prthivikaya. Earth body (earthen), it is an inanimate form. पृथिवीकायिक जीव के द्वारा छोड़े गये शरीर को पृथिवीकाय कहते हैं ” जैसे – ईंट आदि ” जो अचेतन होते हैं “
इंद्रजीत The son of Ravana. रावण के पुत्र जो बड़वानी से मुक्त हुए।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीचंद्र – Shreechandra. Name of a king of Kuru dynasty, The 6th predestined Balbhadra. कुरुवंशी एक राजा, मंदर का पुत्र एवं सुप्रतिष्ठ राजा का पिता जो अंत में सुमंदर यति से दीक्षा ले मुक्ति गये ” आगामी छठा बलभद्र, महापुराण में इन्हें 9वां बलभद्र कहा है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रावक – Shraavaka. A householder who follows religious instructions with reverence, Lay followers in the Jaina order. विवेकवान विरुत्तचित अणुव्रती गृहस्थ ” इसके पाक्षिक, नैष्ठिक व साधक तीन भेद है “
दंडासन तप A type of posture of meditation (sitting erectly). कायक्लेश , दण्ड के समान सीधा बैठना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदार्चन – Sadaarcana. Regular worshipping. पूजा के 4 भेदों में एक भेद ” अपरनाम नित्यमह है, प्रतिदिन की जाने वाली पूजन “