रत्नद्वीप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नद्वीप – राक्षसवंषी भानुरक्ष के दारा बसाया गया एक नगर। Ratnadvipa- Name of a city
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नद्वीप – राक्षसवंषी भानुरक्ष के दारा बसाया गया एक नगर। Ratnadvipa- Name of a city
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्र केसरी:Name of an acharya who wrote patrakesari stotra etc, a reverential titile of acharya vidyanandi (775-840 A.D.) एक आचार्य (ई0 6-7) जिन्होने पात्रकेसरी स्तोत्र जिनेन्द्रगुण स्तुति आदि ग्रंथो की रचना की। वार्तिककार आचार्य विद्यानंदि (ई0 775-840) की उपाधि।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युक्त्यानुषासत – आचार्य समन्तभद्र कृत सस्कृत में 64 ष्लोक ष्लोक प्रमाण स्तोत्र। Yuktyanusasana- name of a book written by acharya samantbhadraji
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रयविघान – एक पूजा ग्रथ जिस पर पं आषाघर (इ्र, 1173 – 1243) ने सेस्क्रत में टीका लिखी है। Ratnatrayavidhana- Name of a worshipping book
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगेन्दु देव – परमात्मप्रकाष योगसार, अध्यात्मसंदोह दोहापाहुड सुभाशित तं़त्र नौकार श्रावकाचार आदि संस्कृत अपभ्रंष ग्रंथों के रचियता एक दिगम्बराचार्य। समय ई ष – 6 Yogemdu Deva-Name of a great digambar, Acharya saint
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकशिला:A very auspicious large stone shila in the panduk forest of sumeru mountain pertaining to the lustral bath of Jaina Lord of bharat kshetra (region).सुमेरुपर्वत के पांडुक वन मे स्थित 4 शिलाओ मे एक सुवर्णमयी शिला, इस पर जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र के तीर्थकरो का जन्मभिषेक किया जाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रति – नोकशाय का एक भेद; जिसके उदय से विशय में प्रीति हो Rati- sensual, pleasure, passion, love
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लगड षयासन तप – कायक्लेष तप का एक भेद, षरीर को संकुचित करना। Lagada sayyasana tapa-A kind of austerity, sleeping with Shrunk limbs
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघुभाशा – 700 क्षुद्र भाशा। अरिहंत भगवान की दिव्यध्वनि 718 भाशाओ मंे खिरती है जिसमें से 18 भाशाएं व 700 लघु भाशाएं होती है। Laghubhasa-Regional language or dialect (about 700 in numbers)