दर्पणतुल्य भूमि!
दर्पणतुल्य भूमि An excellence of Lord Arihant (Land to have like mirror).अरहंतो के केवलज्ञान का एक, अतिशय, दर्पण के समान भूमि का स्वच्छ होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दर्पणतुल्य भूमि An excellence of Lord Arihant (Land to have like mirror).अरहंतो के केवलज्ञान का एक, अतिशय, दर्पण के समान भूमि का स्वच्छ होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुल : == पुरिसाण कुलीणाण वि न कुलं विणयस्स कारणं होइ। चंदाऽमय—लच्छि सहोयरं पि मारेइ किं न विसं।। —गाहारयणकोष : १०० कुलीन पुरुषों का कुल विनय (आचार) का कारण (प्रमाण) नहीं होता। विष चन्द्र, अमृत एवं लक्ष्मी का सहोदर होते हुए भी क्या प्राण नाश नहीं करता ?
उभय मन-वचन योग Bilateral vibration caused by mind and speech (in observing truth & false nature of substances). सत्य और असत्य दोनों रूप पदार्थ को जानने और कहने में जीव के मन वचन के प्रयत्न से आत्मप्रदेशों में होने वाला परिस्पंदन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेणा – Namdisena Name of the female deity of Ruchak mountain. रुचक पर्वत की दिक्कुमारी देवी ”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेय – Heya. Non-acceptable matters, insignificant, worthless. जो पदार्थ छांेड़ने योग्य है वे हेय कहलाते है। 7 तत्त्वों मे आस्रव, बंध तत्त्व हेय है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदसप्तमी व्रत – Namdasaptami Vrata A particular vow is to be followed for seven years. सात वर्ष तक प्रतिवर्ष भादों सुदी 7 को उपवास करना ”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेतुमत – Hetumata. A causative principle. जिस मत मे प्रमाण व नय के द्वारा वस्तु की सिद्वि की जाये वह मत हेतुमत कहलाता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमानंद :Ecstasy, Ultimate bliss, Another name of Mokshmarga-Path of Salvation.उत्कृष्टतम आनंद, निश्चय मोक्षमार्ग का अपरनाम ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर निर्वाण संवत –Vira Nirvana Samvat. Era beginning with the salvationof Lord Mahavira. वीर निर्वाण से प्रारम्भ होने वाला संवत ” जो वर्तमान में सबसे प्रचीन संवत के रूप में मान्य हैं ” वर्तमान ई सन २००३ – २००४ में वी. नि. सं. २५३० चल रहा हैं ” तिलोयपण्णत्ति (अधिकार ४, गाथा…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हीनाधिक मानोन्मान – Hiinaadhika Maanonmaana. An infraction of vow of non-stealing, dishonesty in measurement (imperfect weighing or measuring matters). अचैर्यव्रत का एक अतिचार। माप-तौल से कम वस्तु देना और अधिक लेना।